

Highlights:
सिंहस्थ-2028 की प्रस्तावित विकास योजनाओं के विरोध में ओंकारेश्वर में दो दिन बंद रहा।
बाजारों के साथ होटल, गेस्ट हाउस और ऑटो सेवाएं भी बंद रहीं।
श्रद्धालुओं को भगवान ओंकारेश्वर के लिए फूल और प्रसाद नहीं मिल सके।
दिल्ली से आए श्रद्धालुओं ने परेशानी बताते हुए बेहतर सुविधाओं की मांग की।
श्रद्धालुओं ने स्थानीय लोगों की मांगों और दर्शनार्थियों की सुविधाओं के बीच समाधान निकालने की अपील की।
Omkareshwar Market Closed : सिंहस्थ-2028 की प्रस्तावित विकास योजनाओं के विरोध में ओंकारेश्वर में दो दिवसीय बंद का व्यापक असर देखने को मिला। स्थानीय नागरिक परिषद के आह्वान पर बाजारों के साथ होटल, गेस्ट हाउस और ऑटो सेवाएं भी बंद रहीं। इससे भगवान ओंकारेश्वर के दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थिति यह रही कि भक्तों को भगवान को अर्पित करने के लिए फूल और प्रसाद तक नहीं मिल सके। बस स्टैंड से मंदिर तक पहुंचने और ठहरने के लिए भी श्रद्धालु परेशान होते रहे।
सिंहस्थ-2028 के लिए प्रस्तावित विकास योजनाओं के विरोध में स्थानीय नागरिक परिषद ने दो दिन के बंद का आह्वान किया था। स्थानीय व्यापारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया। आम दिनों में श्रद्धालुओं की आवाजाही से गुलजार रहने वाली तीर्थनगरी में बंद के दौरान बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। दुकानों के बंद रहने से दर्शनार्थियों को पूजा के लिए जरूरी सामान खरीदने में भी दिक्कत हुई।
बंद का असर केवल बाजारों तक सीमित नहीं रहा। होटल, गेस्ट हाउस और ऑटो सेवाएं भी बंद रहीं, जिससे बाहर से आए श्रद्धालुओं की मुश्किलें बढ़ गईं। बस स्टैंड से मंदिर तक पहुंचने में यात्रियों को परेशानी हुई। वहीं, ठहरने की व्यवस्था प्रभावित होने से दूसरे शहरों से आए दर्शनार्थियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। ऑटो सेवाएं बंद होने के कारण स्थानीय आवागमन भी प्रभावित रहा।
दिल्ली से पहली बार ओंकारेश्वर दर्शन करने पहुंचीं श्रद्धालु दीपा ने बंद के कारण हुई परेशानी पर निराशा जताई। उन्होंने कहा कि सरकार को स्थानीय लोगों की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। इसके साथ ही तीर्थनगरी में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
दिल्ली से आए श्रद्धालु आकाश गर्ग ने बताया कि प्रसाद की दुकानें बंद होने के कारण वे भगवान ओंकारेश्वर को अर्पित करने के लिए प्रसाद नहीं खरीद सके। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से स्थानीय नागरिकों की मांगों और दर्शनार्थियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की। उनका कहना है कि स्थानीय लोगों की समस्याओं का समाधान करते हुए श्रद्धालुओं को होने वाली असुविधा भी दूर की जानी चाहिए।
ओंकारेश्वर में बंद के कारण तीर्थयात्रियों को पूजा सामग्री, आवागमन और ठहरने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ा। एक ओर स्थानीय नागरिक प्रस्तावित विकास योजनाओं को लेकर अपनी मांगें उठा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा का सामना करना पड़ा। ऐसे में स्थानीय लोगों की मांगों और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं के बीच समाधान निकालना प्रशासन के लिए अहम होगा।