

Khandwa Leopard Death: खंडवा जिले में वन्यजीवों की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पुनासा-सतवास मार्ग पर चांदगढ़ रेंज के हनुमान मंदिर के पास एक तेंदुए की अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत हो गई। चिंताजनक बात यह है कि महज पांच दिनों के भीतर इसी रेंज में सड़क दुर्घटना में तेंदुए की मौत की यह दूसरी घटना है। लगातार हो रही इन घटनाओं से वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों में भी चिंता बढ़ गई है।
जानकारी के अनुसार, घटना वन परिक्षेत्र चांदगढ़ सामान्य के अंतर्गत हनुमान मंदिर के समीप हुई। देर रात तेज रफ्तार से गुजर रहे एक अज्ञात वाहन ने सड़क पार कर रहे तेंदुए को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तेंदुए की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद वाहन चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुनासा-सतवास मार्ग पर रात के समय भारी और तेज रफ्तार वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। जंगल से सटे इस मार्ग पर न तो पर्याप्त चेतावनी संकेत लगे हैं और न ही वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए कोई विशेष व्यवस्था की गई है। स्पीड ब्रेकर और वन्यजीव क्रॉसिंग जैसी सुविधाओं के अभाव में यह सड़क अब वन्यजीवों के लिए मौत का रास्ता बनती जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। अज्ञात वाहन की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि जिम्मेदार वाहन चालक का पता लगाया जा सके। वन विभाग ने तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए इंदौर से विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम बुलाई है। टीम के पहुंचने के बाद वैज्ञानिक तरीके से शव परीक्षण किया जाएगा और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद नियमानुसार तेंदुए का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
लगातार दूसरी बार तेंदुए की सड़क दुर्घटना में मौत ने पुनासा-सतवास मार्ग पर वन्यजीव सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोग और पर्यावरण प्रेमी इस मार्ग पर स्पीड कंट्रोल, चेतावनी बोर्ड और वन्यजीव क्रॉसिंग जैसी व्यवस्थाएं तत्काल लागू करने की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।