

Intern Doctors Demand Stipend Hike Khandwa: खंडवा में ₹30 हजार प्रतिमाह स्टाइपेंड की मांग को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आक्रोश मंगलवार को सड़क पर देखने को मिला। नंदकुमार सिंह चौहान शासकीय मेडिकल कॉलेज के इंटर्न डॉक्टरों ने पहले डीन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांग रखी, लेकिन तत्काल समाधान नहीं मिलने पर वे कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान डॉक्टरों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग की।
इंटर्न डॉक्टरों ने ज्ञापन में बताया कि वर्तमान में उन्हें करीब ₹14,337 प्रतिमाह स्टाइपेंड मिल रहा है। डॉक्टरों की मांग है कि इसे बढ़ाकर ₹30 हजार प्रतिमाह किया जाए। उनका कहना है कि इंटर्नशिप के दौरान उन्हें अस्पताल में मरीजों की देखभाल, उपचार और विभिन्न आपातकालीन सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभानी पड़ती हैं। ऐसे में मौजूदा स्टाइपेंड उनकी जिम्मेदारियों के अनुपात में पर्याप्त नहीं है।
डॉक्टरों ने अपने ज्ञापन में भोपाल में स्टाइपेंड की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे इंटर्न डॉक्टरों के साथ हुई कार्रवाई का भी विरोध किया। उन्होंने शासन से मांग की कि इस मामले का संज्ञान लेकर उचित जांच की जाए। साथ ही स्टाइपेंड बढ़ाने के संबंध में जल्द से जल्द लिखित आदेश जारी करने की मांग भी रखी गई। डॉक्टरों का कहना है कि उनकी मांग लंबे समय से शासन के सामने है, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया।
ज्ञापन सौंपने के बाद जब तत्काल कोई समाधान नहीं निकला तो इंटर्न डॉक्टर मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट के बाहर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने सरकार के खिलाफ नारे लगाए और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। डॉक्टरों ने स्पष्ट संकेत दिए कि केवल आश्वासन से आंदोलन समाप्त नहीं होगा। उनका कहना है कि मध्य प्रदेश शासन को स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर ठोस फैसला लेना होगा।
इंटर्न डॉक्टरों के धरने और नारेबाजी के कारण मेडिकल कॉलेज के मुख्य गेट पर कुछ समय के लिए माहौल गरमाया रहा। प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि जब तक उनकी मांग पर लिखित और ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रखने पर विचार किया जाएगा। अब सभी की नजर शासन की ओर से इस मामले में होने वाली अगली कार्रवाई पर है।