खंडवा: मुआवजे में भेदभाव का आरोप, हाईटेंशन टावर पर तीसरे दिन भी डटा रहा किसान, कांग्रेस ने दिया समर्थन
High Tension Tower Compensation: खंडवा के सुलगांव-घोसली में हाईटेंशन टावर के मुआवजे को लेकर किसान तीसरे दिन भी टावर पर डटा रहा। किसान ने मुआवजे में भेदभाव का आरोप लगाया।कांग्रेस ने समर्थन किया है।
- Reported By: नितिन झवर | Edited By: प्रीतेश जैन
टावर पर चढ़ा किसान (फोटो सोर्स- नवभारत)
Khandwa Farmer Protest : खंडवा जिले की मांधाता विधानसभा क्षेत्र के सुलगांव-घोसली गांव में हाईटेंशन बिजली टावर के मुआवजे को लेकर किसान का विरोध लगातार जारी है। घोसली निवासी किसान रविंद्र सिंह सोलंकी अपने खेत में बने हाईटेंशन टावर पर चढ़कर तीसरे दिन भी प्रदर्शन करते रहे। किसान का आरोप है कि टावर निर्माण के वर्षों बाद भी उन्हें नियमानुसार मुआवजा नहीं मिला।
रविंद्र सिंह सोलंकी का कहना है कि उनके खेत में वर्ष 2021 में हाईटेंशन टावर का निर्माण किया गया था, लेकिन वर्ष 2026 तक भी उन्हें जमीन और फसल नुकसान का उचित मुआवजा नहीं मिला। उनका कहना है कि वे किसी अतिरिक्त राशि की मांग नहीं कर रहे, बल्कि सरकार की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार मुआवजा चाहते हैं।
मुआवजे में भेदभाव का लगाया आरोप
प्रदर्शन कर रहे किसान और उनके समर्थकों ने प्रशासन व टावर लाइन कंपनी पर मुआवजा वितरण में भेदभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक ही परियोजना से प्रभावित किसानों को अलग-अलग मुआवजा दिया गया है। कुछ किसानों को अधिक राशि मिली, जबकि अन्य को काफी कम भुगतान किया गया, जिससे प्रभावित किसानों में नाराजगी है।
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किसान के समर्थन में उतरा कांग्रेस संगठन
मामले को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष उत्तमपाल सिंह भी प्रदर्शन स्थल पहुंचे और किसान को अपना समर्थन दिया। उन्होंने प्रशासन और संबंधित कंपनी पर मुआवजा वितरण में भेदभाव करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पहले सुलगांव क्षेत्र में हुए आंदोलन के दौरान पांच टावरों के लिए करीब 27 लाख रुपये का मुआवजा दिया गया था, जबकि अब एक टावर से प्रभावित किसान को केवल 1.50 लाख रुपये का मुआवजा प्रस्तावित किया गया है। उन्होंने इसे किसानों के साथ अन्याय बताया।
विधायक से हस्तक्षेप की मांग
कांग्रेस ने मांधाता विधायक से मामले में हस्तक्षेप कर किसान को न्याय दिलाने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सभी प्रभावित किसानों को समान नियमों के तहत मुआवजा मिलना चाहिए। जिला कांग्रेस कमेटी और किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि नई गाइडलाइन के अनुसार उचित मुआवजा नहीं दिया गया और समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। साथ ही, समाधान होने तक टावर लाइन से जुड़े कार्य रोकने की भी मांग की गई है।
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प्रशासन किसान को मनाने में जुटा
किसान के लगातार तीसरे दिन भी टावर पर डटे रहने से प्रशासन की चिंता बढ़ गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी लगातार किसान से बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास कर रहे हैं। एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल भी तैनात किया गया है और पूरे घटनाक्रम पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।
