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खंडवा में दशहरा पर्व पर रावण दहन की तारीख को लेकर प्रशासन और नवचंडी धाम के महंत के बीच मतभेद।
शहर के तीन स्थानों पर मंगलवार को रावण दहन की तैयारी, जबकि नवचंडी देवी धाम में बुधवार को आयोजन की बात।
महंत बाबा गंगाराम ने उदया तिथि और धार्मिक परंपरा के अनुसार ग्यारस को रावण दहन कराने की बात कही।
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बैठक में दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बनी।
Khandwa Ravan Dahan Date : खंडवा में दशहरा पर्व पर रावण दहन की तारीख को लेकर विवाद सामने आया है। शहर के तीन स्थानों पर मंगलवार को रावण दहन की तैयारी है, जबकि नवचंडी देवी धाम स्थित मेला ग्राउंड में महंत बाबा गंगाराम बुधवार को उदया तिथि के अनुसार रावण दहन कराने की बात कह रहे हैं।
शुक्रवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित बैठक में प्रशासन और महंत के बीच सहमति नहीं बन सकी। नाराज महंत बैठक छोड़कर चले गए। ऐसे में शहर में दो दिन रावण दहन होने की संभावना बनी हुई है।
विजयादशमी की तैयारियों को लेकर आयोजित बैठक में सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर, सीएसपी अभिनव बारंगे, हिंदू उत्सव समिति के सदस्य और रावण दहन समितियों के पदाधिकारी मौजूद थे। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस बल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सभी स्थानों पर मंगलवार को ही रावण दहन कराने का सुझाव दिया।
नवचंडी देवी धाम के महंत बाबा गंगाराम का कहना है कि यहां नवरात्रि की पूर्णाहुति के बाद हवन-पूजन और भंडारे की परंपरा है। इसके बाद ही रावण दहन किया जाता है। महंत के अनुसार, उदया तिथि और धार्मिक विधान को ध्यान में रखते हुए बुधवार को ग्यारस के दिन आयोजन किया जाएगा।
महंत बाबा गंगाराम ने बताया कि वे आयोजन की तारीख को लेकर जिला प्रशासन को दो बार आवेदन दे चुके हैं। इसके बावजूद बैठक में मंगलवार को आयोजन कराने पर जोर दिया गया, जिससे वह नाराज होकर बाहर चले गए। अब आयोजन समिति और प्रशासन के बीच सहमति बनना महत्वपूर्ण हो गया है।
शनिवार दोपहर करीब 2 बजे खरगोन रेंज की आईजी सिमाला प्रसाद खंडवा जिला पहुंचीं। उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ बैठक कर नवरात्रि विसर्जन, विसर्जन कुंडों की साफ-सफाई और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पर्व के दौरान आवश्यक इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
खंडवा में दो दिन रावण दहन की संभावना पर आईजी सिमाला प्रसाद ने कहा कि इस विषय पर मंथन जारी है। प्रयास रहेगा कि किसी को असुविधा न हो और सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम किए जाएं। फिलहाल प्रशासन एक दिन आयोजन कराने के पक्ष में है, जबकि नवचंडी धाम के महंत बुधवार को दहन कराने की बात पर कायम हैं। दशहरा से पहले इस विवाद पर अंतिम निर्णय का इंतजार है।