मंत्री प्रतिमा बागरी (Image- Social Media)
Indore Water Crisis: मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर पूछे गए सवाल पर नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी सवालों से बचती नजर आईं। जवाब देने के बजाय वह मंच छोड़कर चली गईं। बताया जा रहा है कि मध्यप्रदेश सरकार पहले से ही इस मुद्दे पर विपक्ष के निशाने पर है। ऐसे में कटनी जिले में आयोजित शिक्षा संघ के एक कार्यक्रम के दौरान जब मंत्री से इंदौर मामले और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के एक्स पोस्ट को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने सीधे जवाब देने से परहेज किया।
मंत्री प्रतिमा बागरी से सवाल दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर था, लेकिन वह शिक्षा संघ से जुड़े विषयों पर बोलती रहीं। करीब एक मिनट तक उन्होंने उसी विषय पर बयान दिया और फिर धन्यवाद कहकर मंच छोड़ दिया। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद विपक्ष ने मंत्री के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब इंदौर में दूषित जल आपूर्ति को लेकर सरकार पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं। राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उठाया था, ऐसे में जिम्मेदार मंत्री से जवाब की उम्मीद की जा रही थी।
खास बात यह रही कि मंत्री के मंच छोड़ते ही सवाल अनुत्तरित रह गए। बाद में मंच पर मौजूद सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बयान देकर स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन कटनी में सामने आई तस्वीर ने सरकार की संचार रणनीति और जवाबदेही पर नई बहस छेड़ दी है।
पत्रकारों ने सवाल पूछा तो माइक को हाथ मार कर भागने लगीं मंत्री: ये हैं नगरीय प्रशासन राज्य मंत्री प्रतिमा बागरी. जिनसे इंदौर में दूषित पानी से हुई 16 मौतों पर सवाल पूछा गया तो हलक सूखने लगा…! pic.twitter.com/ZJxieCfH8h — Rupesh Mishra (@rupeshmishramp) January 4, 2026
यह पूरा मामला कटनी जिले में आयोजित शिक्षा संघ के कार्यक्रम से जुड़ा है, जिसमें मंत्री प्रतिमा बागरी और सांसद दर्शन सिंह चौधरी मौजूद थे। कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया मांगी, तो मंत्री ने सवाल को नजरअंदाज कर दिया और शिक्षा संघ से जुड़े मुद्दों पर बोलती रहीं। बयान खत्म होते ही उन्होंने धन्यवाद कहा और मंच छोड़ दिया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल है।
मंत्री के जाने के बाद सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इंदौर का दूषित पानी मामला गंभीर है और सरकार इसे लेकर संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और जहां जरूरत है, वहां कार्रवाई की जा रही है।
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इंदौर में दूषित पानी की आपूर्ति से कई लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। इस घटना ने नगरीय प्रशासन और जल आपूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्ष का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते यह स्थिति बनी।