हाईकोर्ट की सुनवाई में हाफपैंट पहनकर ऑनलाइन जुड़े अधिकारी, जज ने दिए अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश

TCPC Officer Amit Kumar Gajbhiye : हाईकोर्ट ने अधिकारी अमित कुमार गजभिये के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारी गजभिये ऑनलाइन सुनवाई में हाफपैंट पहनकर जुड़े थे।
TCPC Bhopal joint director Amit Kumar Gajbhiye
टीएंडसीपी भोपाल के संयुक्त संचालक अमित कुमारफोटो सोर्स- सोशल मीडिया
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Highlights:

  • हाईकोर्ट ने अधिकारी पर कार्रवाई के दिए आदेश।

  • सुनवाई में हाफपैंट पहनकर बिस्तर से जुड़े अधिकारी।

  • कोर्ट ने चार सप्ताह में मांगा जवाब।

  • जीएसबी कंस्ट्रक्शन की जमीन का मामला।

  • जमीन रिकॉर्ड सुधारने के लिए चार सप्ताह की समयसीमा।

Madhya Pradesh High Court : मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने नगर एवं ग्राम निवेश विभाग (टीएंडसीपी), भोपाल के संयुक्त संचालक अमित कुमार गजभिये के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के आदेश दिए हैं। गजभिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में जुड़े थे। इस दौरान वे हाफपैंट पहने हुए दिखाई दिए और बिस्तर पर बैठकर शर्ट के बटन बंद करते नजर आए।

जस्टिस दीपक खोत ने उनके आचरण को न्यायालय की गरिमा के विपरीत और अवमाननापूर्ण माना। कोर्ट ने अधिकारी से चार सप्ताह में जवाब मांगा है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए।

अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं करने पर सुनवाई में हुए उपस्थित

यह मामला मेसर्स जीएसबी कंस्ट्रक्शन की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। हाईकोर्ट ने 9 अक्टूबर को टीएंडसीपी के संयुक्त संचालक अमित कुमार गजभिये को मामले में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए थे। रिपोर्ट पेश नहीं किए जाने पर अधिकारी को सुनवाई में उपस्थित होने के लिए कहा गया। ऑनलाइन सुनवाई के दौरान उनके पहनावे और जुड़ने के तरीके पर कोर्ट ने नाराजगी जताई। उप महाधिवक्ता स्वप्निल गांगुली ने अदालत को आश्वासन दिया कि मामले को विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने रखा जाएगा।

चार सप्ताह में अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर रिपोर्ट देने के निर्देश

हाईकोर्ट ने अधिकारी के आचरण को गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने और चार सप्ताह में इसकी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारी से यह स्पष्ट करने को कहा गया कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। अदालत की नाराजगी के केंद्र में सुनवाई के दौरान न्यायालय की गरिमा के अनुरूप आचरण नहीं करना रहा। अब अधिकारी के जवाब और विभाग की कार्रवाई पर आगे की स्थिति निर्भर करेगी।

आवासीय जमीन को विभागीय नक्शे में औद्योगिक दर्ज करने का मामला

जीएसबी कंस्ट्रक्शन की जमीन मास्टर प्लान में आवासीय उपयोग के लिए दर्ज थी, लेकिन विभागीय नक्शे में गलती से उसे औद्योगिक दर्ज कर दिया गया। याचिकाकर्ता ने इस त्रुटि को सुधारने के लिए आवेदन दिया था। हालांकि, विभाग ने इसे भूमि उपयोग परिवर्तन यानी लैंडयूज चेंज का मामला मानते हुए निर्णय कर दिया। इस तरह जमीन के रिकॉर्ड में कथित गलती सुधारने के बजाय मामला भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया से जुड़ गया, जिसके बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया।

गलती सुधारने की अनुशंसा के बावजूद नहीं हुआ समाधान

मामले में 3 अक्टूबर 2025 को टीएंडसीपी जबलपुर के संयुक्त संचालक ने भोपाल स्थित संचालनालय के संयुक्त संचालक (आईटी) को रिकॉर्ड में गलती सुधारने की अनुशंसा भेजी थी। इसके बावजूद विवाद का समाधान नहीं होने पर हाईकोर्ट ने विभाग की ओर से याचिकाकर्ता के आवेदन पर पारित आदेश को महज दिखावा बताया। विभाग ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन करे तो उसका शीघ्र निराकरण किया जा सकता है।

TCPC Bhopal joint director Amit Kumar Gajbhiye
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ऑनलाइन आवेदन के चार सप्ताह में करना होगा निराकरण

जबलपुर हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को भूमि उपयोग संबंधी रिकॉर्ड में सुधार के लिए ऑनलाइन आवेदन करने का निर्देश दिया है। साथ ही विभाग को सात दिन के भीतर आवेदन अपलोड कराने और उसे स्वीकार कराने में सहयोग करने को कहा है। आवेदन अपलोड होने के चार सप्ताह के भीतर उसका निराकरण करना होगा। मामले में अगली सुनवाई 30 नवंबर 2026 को निर्धारित की गई है। अब एक ओर जमीन के रिकॉर्ड में सुधार की प्रक्रिया पर नजर रहेगी, वहीं दूसरी ओर अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक और संभावित अवमानना कार्रवाई को लेकर भी अगला कदम महत्वपूर्ण होगा।

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