जबलपुर SP कार्यालय बना कुश्ती का अखाड़ा, यूट्यूबर और शिकायतकर्ता ने एक दूसरे को जमकर पीटा- देखें VIDEO

SP Office Fight In Jabalpur: जबलपुर एसपी ऑफिस की जनसुनवाई में जमकर मारपीट; शिकायतकर्ता महिला को कथित यूट्यूबर विद्या रैकवार ने जमीन पर पटका, चेहरा लहूलुहान, दोनों पुलिस कस्टडी में।
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एसपी ऑफिस बना अखाड़ा (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Jabalpur SP Office Public Hearing Fight: जनसुनवाई लोगों के झगड़े और समस्याओं को सुलझाने के लिए की जाती है लेकिन जबलपुर के एसपी ऑफिस से आई तस्वीरों ने सबको हैरान कर दिया है यहां जनसुनवाई में आई एक महिला शिकायतकर्ता और खुद को पत्रकार बताने वाली यूट्यूबर के बीच जमकर मारपीट हो गई, यूट्यूबर ने शिकायतकर्ता महिला को जमीन पर पटक दिया और उसे जमकर पीटा। इस मारपीट में महिला के चेहरे पर नाखून लगने से खून की धार बह निकली।

दरअसल रांझी थाना क्षेत्र ने रहने वाली पिंकी टंडन और उसके पति के बीच विवाद चल रहा है, बीते मंगलवार जब पिंकी अपने पुरुष मित्र के साथ एसपी ऑफिस जनसुनवाई में शिकायत करने आई थी जहां उसका पति भी ज्ञापन देने पहुंचा था। तब वहां खुद को पत्रकार कहने वाली यूट्यूबर विद्या रैकवार ने पिंकी के पति की तरफ से खबर तो बना की लेकिन पिंकी की शिकायत नहीं सुनी, इसी बात को लेकर पिंकी और विद्या में कहासुनी भी हुई थी।

आमना सामना होते ही शुरू हो गई मारपीट

आज जनसुनवाई में एक बार फिर पिंकी पहुंची और पति के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग का आवेदन देकर कार्यालय से बाहर निकली, इस दौरान विद्या उसे नजर आ गई, और दोनों में फिर बहस हुई, पिंकी टंडन का आरोप है कि विद्या ने उसके पति से पैसे लेकर एक पक्षीय न्यूज बनाई और उसे बदनाम किया है। इसी बात पर दोनों में मारपीट हुई थी। हालांकि चंद मिनटों बाद सिविल लाइन थाना पुलिस ने महिला स्टाफ भेजकर दोनों को थाने बुलवा लिया और उनकी लिखित शिकायत ले ली।

पुलिस विभाग भी तथाकथित पत्रकारों और यूट्यूबर्स से परेशान

दरअसल बीते सालों में खुद को पत्रकार बताने वाले यूट्यूबर और फर्जी पत्रकारों की गैंग से सरकार विभाग सहित पुलिस विभाग भी परेशान है, यह तथाकथित पत्रकार मीडिया की आड़ में किसी भी थाने या सरकारी विभाग में पहुंच जाते हैं जहां अपने मन मुताबिक खबरें बनाकर माहौल को बदलने का प्रयास करते हैं, जिससे कई बार प्रशासनिक कार्यवाही में रुकावट भी आती है और भ्रामक खबरों से लोगों को गलत जानकारी पहुंचती है।

इसी वजह से जबलपुर एसपी संपत उपाध्याय ने बीते 10 दिन पहले यूट्यूबर और गैर पंजीकृत संस्थाओं के पत्रकारों को इंटरव्यू ना देने का फरमान भी जारी किया था। बहरहाल इस घटना के बाद अब सभी सरकारी विभागों को भी इन तथाकथित पत्रकारों की कार्यप्रणाली पर एक्शन लेना जरूरी हो गया है।

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