

Jabalpur Rani Durgavati University : लोकायुक्त संगठन ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर में पदस्थ उच्च वर्ग लिपिक बंश बहोर पटेल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया है।
लोकायुक्त के अनुसार शिकायत मिलने के बाद जांच की गई, जिसके आधार पर 18 सितंबर 2026 को FIR दर्ज की गई। जांच में सामने आए आय और व्यय के आंकड़ों के आधार पर लोकायुक्त ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार 62 वर्षीय बंश बहोर पटेल, पिता कालूराम पटेल, के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति को लेकर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के आधार पर उनकी आय और व्यय से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की गई। जांच के दौरान लोकायुक्त को अब तक उनकी कुल आय 91,88,611 रुपए मिली है, जबकि इसी अवधि में कुल व्यय 1,68,51,337 रुपए पाया गया।
लोकायुक्त की जांच में आय की तुलना में 85.57 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति होने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के मुताबिक यह आंकड़ा अब तक की जांच के आधार पर सामने आया है। जांच आगे बढ़ने के साथ आय और व्यय से जुड़े अन्य रिकॉर्ड भी खंगाले जाएंगे। लोकायुक्त इस बात की भी जांच कर रही है कि संबंधित संपत्ति और खर्च के लिए आय के कौन-कौन से स्रोत रहे हैं।
लोकायुक्त ने बंश बहोर पटेल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। FIR दर्ज होने के बाद मामले को विवेचना में लिया गया है। जांच में सामने आए दस्तावेजों और आय के स्रोतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लोकायुक्त की ओर से यह भी जांच की जा रही है कि संबंधित कर्मचारी ने आय के कौन-कौन से स्रोतों से संपत्ति अर्जित की। फिलहाल सामने आए आंकड़े प्रारंभिक जांच पर आधारित हैं और जांच पूरी होने के बाद अनुपातहीन संपत्ति से जुड़े आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
बंश बहोर पटेल रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में लंबे समय तक कर्मचारी नेता भी रहे हैं। उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी-कर्मचारियों की संपत्ति और पूर्व में सामने आए भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस मामले में फिलहाल लोकायुक्त की जांच बंश बहोर पटेल के खिलाफ दर्ज FIR और उनसे जुड़े आय-व्यय के रिकॉर्ड पर केंद्रित है।