

Jabalpur Cruise Haadsa: जबलपुर के बरगी डैम में हुए क्रूज हादसे में अब तक 9 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 24 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया है। अब भी डूबे हुए क्रूज में कुछ लोगों के फंसे होने की आशंका है, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
गुरुवार शाम को बरगी डैम में 35 से ज्यादा पर्यटक क्रूज से घूमने के लिए निकले, लेकिन अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और क्रूज का संतुलन बिगड़ने लगा। क्रूज में तेजी से पानी भरने लगा और कुछ ही देर में डबल डेकर क्रूज नर्मदा के पानी में डूब गया।
हादसे के वक्त डैम के किनारे खड़ा दूसरा क्रूज तुरंत बचाव के लिए मौके पर पहुंचा, जिससे कुछ लोगों की जान बचाई जा सकी। क्रूज में सवार पर्यटकों में से अधिकतर ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, लेकिन करीब 15 लोगों ने लाइफ जैकेट सही तरीके से पहनी थी, जो किसी तरह पानी से सुरक्षित बाहर निकल गए। इस दौरान बिना लाइफ जैकेट वाले पर्यटक क्रूज के साथ ही गहरे पानी में समा गए।
जानकारी के मुताबिक डबल डेकर क्रूज में ऊपर करीब 25 लोग सवार थे, जबकि नीचे बने केबिन में महिलाओं और बच्चों समेत 10 लोग थे। क्रूज डूबने के दौरान नीचे केबिन में मौजूद महिलाएं और बच्चे बाहर नहीं निकल पाए, यही वजह है कि मृतकों में ज्यादा संख्या महिलाओं की है।
बरगी डैम में क्रूज डूबने की खबर आग की तरह पूरे शहर में और फिर प्रदेश में फैल गई। घटना के तत्काल बाद कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, एसपी संपत उपाध्याय एवं स्थानीय जिला प्रशासन एवं पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। उनके साथ ही सांसद आशीष दुबे, बरगी विधायक नीरज सिंह और अन्य जनप्रतिनिधि भी पहुंच गए।
जनप्रतिनिधियों और आला अफसरों की देखरेख में एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) ने युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। बिना देर किए रेस्क्यू अभियान शुरू करवाया गया। गुरुवार रात को 4 लोगों की लाशें डैम से बाहर निकाली गईं। इधर हादसे की जानकारी मिलते ही कैबिनेट मंत्री राकेश सिंह भी डुमना एयरपोर्ट से सीधे बरगी डैम पहुंचे और स्थिति की जानकारी ली।
रात में अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान में दिक्कतें भी सामने आई। सुबह होते ही NDRF और आगरा से आई गोताखोरों की स्पेशल टीम ने डूबे हुए क्रूज में तलाश शुरू की और एक बच्चे समेत 5 लोगों की लाश निकाली। हादसे में जिंदा बच निकलने में कामयाब रहे क्रूज पायलट महेश ने बताया सुरक्षा के पूरे इंतजाम थे लेकिन अचानक आए तेज तूफान के चलते क्रूज अनियंत्रित हो गया और किसी को भी संभलने का मौका नहीं मिला।
पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी ने घटना पर शोक जताते हुए कहा घटना बेहद गंभीर है। जानकारी मिलते ही रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया था। अभी तक 22 लोगों की जान बचाई जा चुकी है, जबकि 9 लोगों की मौत हुई है। क्रूज को डैम से बाहर निकलवाकर उसमें फंसे लोगों को निकालना पहली प्राथमिकता है। इसके बाद हादसे की जांच की जाएगी।
इधर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मुआवजे का एलान किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपए देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने कहा वे अधिकारियों के संपर्क में हैं और हर संभव सहायता दी जा रही है। शोक ही इस घड़ी में वे शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं।