MP News: जबलपुर-भोपाल NH-45 पुल घोटाले पर हाईकोर्ट सख्त! केंद्र और राज्य सरकार को थमाया नोटिस
Jabalpur High Court News: हाई कोर्ट ने जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर स्थित शहपुरा के क्षतिग्रस्त पुल के मामले में केंद्र और राज्य सरकार को विधिक नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।
- Written By: सजल रघुवंशी
शहपुरा में क्षतिग्रस्त पुल पर हुई सुनवाई (सोर्स- सोशल मीडिया)
National Highway 45 Bridge Corruption: शहपुरा में क्षतिग्रस्त पुल के मामले पर गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 22 जून को निर्धारित की गई है।
शहपुरा निवासी राजेश सिंह राजपूत द्वारा दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि जबलपुर–भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर लगभग 400 करोड़ रुपये की लागत से बना यह पुल मात्र तीन वर्षों में ही क्षतिग्रस्त हो गया। पुल का एक हिस्सा टूटे हुए करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक न तो मरम्मत पूरी हुई है और न ही पुनर्निर्माण कार्य में अपेक्षित प्रगति हुई है।
निर्माण कार्य अधूरा लेकिन टोल टैक्स पूरा
याचिका में यह भी कहा गया है कि सड़क की खराब स्थिति और अधूरे निर्माण कार्य के बावजूद टोल टैक्स की वसूली जारी है। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया है कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद से भारी वाहनों की आवाजाही नगर के भीतर से लगातार हो रही है, जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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दिसंबर में क्षतिग्रस्त हुई थी दूसरी लेन
शहपुरा का यह वही पुल है, जिसकी दूसरी लेन दिसंबर माह में क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसके बाद यातायात को एक लेन से संचालित किया जा रहा था, जबकि दूसरी लेन पर मरम्मत और निर्माण कार्य जारी था। इसी बीच पुल के एक अन्य हिस्से में भी धंसाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षा को देखते हुए मार्ग को बंद कर दिया।
एमपी रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने भी की कार्रवाई की अनुशंसा
करीब तीन वर्ष पूर्व निर्मित इस पुल के निर्माण में लापरवाही को लेकर मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन ने तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक और संभागीय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की है। साथ ही दोनों अधिकारियों की पेंशन रोकने के लिए भी संबंधित पत्राचार किया गया है। उन्हें कार्य के प्रति गंभीर लापरवाही और गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाने का दोषी माना गया है।
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मार्ग बंद होने के बाद हल्के वाहनों को शहपुरा बस्ती के अंदर से डायवर्ट किया गया है, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पर प्रारंभ में रोक लगाई गई थी। यातायात व्यवस्था को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला भी तैनात किया गया है, इसके बावजूद क्षेत्र में लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है।
