

Jabalpur Ambulance Delay Girl Death : जबलपुर के कटंगी क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। ग्राम देवरी निवासी 5 वर्षीय दीक्षा ठाकुर को सांप ने काट लिया था। परिजन उसे इलाज के लिए कटंगी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया। आरोप है कि समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलने के कारण बच्ची को इलाज के लिए आगे ले जाने में देरी हुई और रास्ते में उसकी मौत हो गई।
जानकारी के मुताबिक, 5 वर्षीय दीक्षा ठाकुर को सांप ने काट लिया था। घटना के बाद परिजन उसे तत्काल कटंगी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने बच्ची का प्राथमिक उपचार किया। उसकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाने की सलाह दी और उसे रेफर कर दिया।
परिजनों के मुताबिक, कटंगी अस्पताल में एम्बुलेंस उपलब्ध थी, लेकिन उसके टायर में खराबी होने के कारण उसका इस्तेमाल नहीं किया जा सका। गंभीर हालत में बच्ची को तत्काल जबलपुर ले जाने के लिए दूसरी एम्बुलेंस को कॉल किया गया। परिजनों का आरोप है कि दूसरी एम्बुलेंस पहुंचने में करीब दो घंटे लग गए। इस दौरान बच्ची को अस्पताल में ही इंतजार करना पड़ा।
करीब दो घंटे बाद दूसरी एम्बुलेंस पहुंची, जिसके बाद बच्ची को जबलपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के लिए रवाना किया गया। हालांकि, रास्ते में ही दीक्षा की मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि अगर बच्ची को समय पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया जाता तो उसकी हालत को संभालने का मौका मिल सकता था।
घटना के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। परिजनों ने एम्बुलेंस की व्यवस्था और उसके समय पर मेंटेनेंस को लेकर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि गंभीर मरीजों को तत्काल रेफर करने की स्थिति में एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होना बड़ी समस्या है। ऐसे में एम्बुलेंस के रखरखाव और स्वास्थ्य संसाधनों की व्यवस्था की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मामले में जबलपुर पुलिस ने स्थानीय ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से रिपोर्ट मांगी है। एएसपी सूर्यकांत शर्मा के मुताबिक, रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि एम्बुलेंस की खराबी और दूसरी एम्बुलेंस पहुंचने में हुई देरी की वास्तविक वजह क्या थी।