

Indore Khajrana Ganesh Temple : गणेश चतुर्थी के मौके पर इंदौर के प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देर रात से ही भगवान गणेश के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर को महल की थीम पर सजाया गया है। आकर्षक विद्युत सज्जा और 300 क्विंटल से अधिक फूलों से की गई सजावट भक्तों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। मंदिर समिति को इस बार रोजाना 5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है।
गणेश चतुर्थी पर खजराना गणेश का विशेष श्रृंगार किया गया है। भगवान गणेश को करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य के आभूषणों और हीरे-जवाहरात से सजाया गया है। मंदिर का गर्भगृह भी चांदी से तैयार किया गया है। बप्पा को मोदक का भोग लगाया गया। गणेश चतुर्थी के पूरे आयोजन के दौरान मंदिर में अलग-अलग धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
खजराना गणेश मंदिर का इतिहास भी बेहद खास है। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण रानी अहिल्याबाई होलकर ने 1735 में करवाया था। श्रद्धालुओं के बीच विश्वास है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर मनोकामना पूरी होती है। यही वजह है कि गणेश चतुर्थी के साथ-साथ सालभर देश-विदेश से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
खजराना गणेश मंदिर से जुड़ी एक खास मान्यता श्रद्धालुओं के बीच काफी लोकप्रिय है। मनोकामना लेकर मंदिर पहुंचने वाले कई भक्त गर्भगृह के पीछे मौजूद दीवार पर उल्टा स्वास्तिक बनाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से उनकी मनोकामना पूरी होती है। मनोकामना पूरी होने के बाद श्रद्धालु दोबारा मंदिर पहुंचकर सीधा स्वास्तिक बनाते हैं।
खजराना गणेश मंदिर का रिश्ता क्रिकेट से भी जोड़ा जाता है। इंदौर में मैच होने पर कई क्रिकेटर भगवान गणेश के दर्शन करने पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं के बीच यह मान्यता भी है कि टीम इंडिया पर खजराना गणेश का विशेष आशीर्वाद रहता है। इसी वजह से उन्हें मजाकिया अंदाज में ‘टीम इंडिया का सुपर सिलेक्टर’ भी कहा जाता है। कई क्रिकेटर महत्वपूर्ण मुकाबलों या चयन से पहले यहां दर्शन कर चुके हैं।
गणेश चतुर्थी के दिन इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने सबसे पहले खजराना गणेश मंदिर पहुंचकर भगवान के दर्शन किए। उन्होंने बप्पा को ध्वजा भेंट कर गणेश चतुर्थी के कई दिवसीय आयोजन की शुरुआत की। मंदिर में उमड़ी भीड़ के बीच सुरक्षा और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर भी प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की गई हैं। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्ति, उत्साह और उत्सव के रंग में रंगा नजर आ रहा है।