

Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मेघालय सरकार द्वारा हाईकोर्ट के जमानत आदेश को चुनौती देने के बाद मामला सर्वोच्च अदालत पहुंचा है। अब यह तय हो सकता है कि सोनम की जमानत बरकरार रहेगी या उसे आत्मसमर्पण कर जेल जाना पड़ेगा।
इससे पहले 21 जुलाई को हुई सुनवाई में जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की पीठ ने सोनम के वकील से कहा था कि उनके पास दो विकल्प हैं। पहला, अदालत मेघालय सरकार की अपील पर दलीलें सुनकर अंतिम आदेश पारित कर सकती है। दूसरा, सोनम फिलहाल आत्मसमर्पण करे ताकि जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर सकें और इस दौरान जमानत के मुद्दे पर विचार किया जा सके।
गौरतलब है कि 26 अप्रैल 2026 को मेघालय हाईकोर्ट ने सोनम रघुवंशी को जमानत दी थी। मेघालय सरकार ने इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका दायर की है। सरकार का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी को जमानत पर रखना उचित नहीं है।
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने वारदात के बाद सोनम के व्यवहार और उसके कानूनी तर्कों पर भी सवाल उठाए थे। अदालत ने पूछा था कि गिरफ्तारी के समय कारण नहीं बताए जाने का मुद्दा पहले क्यों नहीं उठाया गया। इस पर सोनम के वकील ने समय मांगा था और कहा था कि वे विस्तृत जवाब दाखिल करेंगे।
मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जमानत का कड़ा विरोध किया था। उन्होंने अदालत को बताया कि सोनम ने पुलिस के सामने स्वेच्छा से आत्मसमर्पण किया था। ऐसे में बाद में यह कहना कि गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए, कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी मेमो में यदि कोई कमी है तो वह केवल लिपिकीय त्रुटि है।
सॉलिसिटर जनरल ने दलील दी थी कि जो आरोपी स्वयं पुलिस के सामने उपस्थित होकर समर्पण करता है, वह गिरफ्तारी प्रक्रिया से जुड़े तकनीकी आधारों पर राहत नहीं मांग सकता। अब आज सुप्रीम कोर्ट सोनम रघुवंशी की जमानत और मेघालय सरकार की अपील पर आगे की कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण फैसला सुना सकता है।