

Jhooth Ki Goonj Posters Indore: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शुक्रवार, 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित होना है। कार्यक्रम से पहले शहर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। देर रात इंदौर के कई प्रमुख चौराहों पर ‘झूठ की गूंज’ नाम से बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए, जिसके बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पोस्टरों को लेकर पूरे शहर में चर्चा बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, खजराना, पलासिया, एमआर-9 चौराहा, गीता भवन और वर्ल्ड कप चौराहा सहित कई प्रमुख स्थानों पर ये पोस्टर लगाए गए हैं। पोस्टरों में केवल राहुल गांधी की तस्वीर दिखाई गई है और उस पर बड़े अक्षरों में ‘झूठ की गूंज’ लिखा गया है। पोस्टरों पर किसी संगठन या व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं है। बताया जा रहा है कि इन्हें रात के समय लगाया गया, जिससे सुबह लोगों की नजर इन पर पड़ी और चर्चा शुरू हो गई।
‘झूठ की गूंज’ केवल पोस्टरों तक सीमित नहीं है। इसी नाम से एक वेबसाइट भी संचालित होने का दावा किया जा रहा है, जिसमें राहुल गांधी के बयानों और दावों का फैक्ट चेक किए जाने की बात कही जाती है। वेबसाइट के अनुसार अब तक राहुल गांधी से जुड़े 40 दावों की जांच की गई है। इनमें 26 दावों को गलत और 11 को भ्रामक बताया गया है। हालांकि, वेबसाइट का संचालन कौन कर रहा है और इसके पीछे कौन लोग हैं, इसकी सार्वजनिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पोस्टर सामने आने के बाद कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने इसे भाजपा की ‘निचले स्तर की राजनीति’ करार देते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को प्रभावित करने के लिए इस तरह के पोस्टर लगाए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि कार्यक्रम के आयोजन में पहले भी विभिन्न स्तरों पर बाधाएं खड़ी करने की कोशिश की गई थी।
पोस्टरों की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता विभिन्न स्थानों पर पहुंचे और उन्हें हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी। कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया सहित कई कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग इलाकों में लगाए गए पोस्टर हटाए। कांग्रेस का आरोप है कि ये पोस्टर बिना अनुमति के लगाए गए हैं। वहीं, पोस्टर लगाने वालों की पहचान अब तक स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिससे पूरे मामले को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।