नवभारत लाइव की खबर का असर: एमवाय अस्पताल मामले में बड़ी कार्रवाई, कई अधिकारी-कर्मचारियों पर गिरी गाज

Indore Hospital News: इंदौर के एमवाय अस्पताल में बच्चे को स्ट्रेचर पर ले जाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई। हेल्प डेस्क इंचार्ज और सिक्योरिटी ऑफिसर हटाए गए। साथ ही बीवीजी कंपनी पर जुर्माना लगाया है।
MY Hospital Indore Incident Action
बच्चे को स्ट्रेचर पर ले जाते माता-पिता (फोटो सोर्स- नवभारत)
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MY Hospital Indore Incident Action: इंदौर स्थित एमवाय अस्पताल, इंदौर में एक बीमार बच्चे को करीब एक किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर ले जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। नवभारत लाइव द्वारा खबर को प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद इस मामले में स्वास्थ्य प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कई जिम्मेदारों पर सख्त कदम उठाए हैं।

जांच के बाद अस्पताल के हेल्प डेस्क इंचार्ज और सिक्योरिटी ऑफिसर की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं अस्पताल की व्यवस्थाएं संभाल रही बीवीजी कंपनी पर एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसके अलावा तीन नर्स, एक डॉक्टर और एक वार्ड बॉय का एक दिन का वेतन काटने के आदेश भी जारी किए गए हैं।

कारण बताओ नोटिस जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए एमवाय अस्पताल के अधीक्षक अशोक यादव और संबंधित विभाग के एचओडी परेश सिसोदिया को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है और उनसे विस्तृत जवाब तलब किया गया है।

स्ट्रेचर पर बच्चे को ले जाते दिखे थे माता-पिता

जानकारी के अनुसार, न्यूरोलॉजिकल समस्या से पीड़ित बच्चे का इलाज एमवाय अस्पताल में चल रहा था। नियमानुसार, मरीज की स्थिति को देखते हुए संबंधित विशेषज्ञ डॉक्टर को स्वयं मौके पर पहुंचकर जांच करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। डॉक्टरों ने बच्चे को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल रेफर कर दिया, जिसके बाद परिजन को भीषण गर्मी में बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर लगभग एक किलोमीटर तक पैदल जाना पड़ा।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

इस दौरान का वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया। नवभारत लाइव द्वारा इसे प्रमुखता से दिखाए जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया और उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए।

सामने आई गंभीर लापरवाही

जांच रिपोर्ट में पाया गया कि मरीज को रेफर करने से पहले डॉक्टर मौके पर जाकर इलाज कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि भविष्य में मरीजों को बेहतर और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति किसी भी स्थिति में न हो।

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