

Gwalior Swarn Rekha River Pollution: ग्वालियर विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली स्वर्ण रेखा नदी में क्षतिग्रस्त सीवर लाइन से लगातार मिल रहे दूषित पानी को लेकर कांग्रेस ने सोमवार को जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। क्षेत्र में फैली गंदगी, बदहाल सफाई व्यवस्था और प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन और नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल्द समस्या का समाधान नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुनील शर्मा ने किया। विरोध दर्ज कराने के लिए दोनों नेता स्वर्ण रेखा नदी में उतर गए और गंदे पानी के बीच खड़े होकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई। नेताओं को नदी के दूषित पानी में उतरकर प्रदर्शन करते देख बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और कार्यकर्ता भी मौके पर एकत्र हो गए। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि स्वर्ण रेखा नदी की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। जगह-जगह से क्षतिग्रस्त सीवर लाइन का गंदा पानी सीधे नदी में मिल रहा है, जिससे नदी प्रदूषित हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम और संबंधित अधिकारियों को शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिणामस्वरूप क्षेत्र में दुर्गंध फैल रही है और लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव ने कहा कि दूषित पानी के कारण क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्थानीय नागरिकों का जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या के समाधान के प्रति गंभीर नजर नहीं आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही सीवर लाइन की मरम्मत नहीं कराई गई और स्वर्ण रेखा नदी की सफाई सुनिश्चित नहीं की गई तो कांग्रेस पार्टी जनता के साथ मिलकर बड़ा और उग्र आंदोलन करेगी।
कांग्रेस के प्रदर्शन में शामिल सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने भी नदी की खराब स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से सीवर लाइन की मरम्मत, नदी की सफाई और प्रदूषण रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जनहित के इस मुद्दे पर उनका संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक समस्या का समाधान नहीं हो जाता।