

MP BJP Congress Clash : मध्यप्रदेश की सियासत में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज कथित राजनीतिक मुकदमों को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के 62 लाख प्रकरण दर्ज होने के दावे पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने इस दावे को हास्यास्पद बताते हुए कांग्रेस से मामलों का जिला, थाना और वर्षवार रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है। भाजपा ने कहा कि केवल आरोप लगाने के बजाय कांग्रेस को दस्तावेजों के साथ अपने दावे को साबित करना चाहिए।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने प्रेस वार्ता में कहा कि जीतू पटवारी हर पुलिस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध बताकर सहानुभूति हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस के पास 62 लाख मुकदमों का आंकड़ा है तो उसे सभी मामलों की सूची, एफआईआर नंबर, लगाई गई धाराएं और मामलों की मौजूदा न्यायिक स्थिति सार्वजनिक करनी चाहिए। भाजपा ने यह भी पूछा कि इनमें कितने मामले आंदोलनों से जुड़े थे और कितने मामलों में अदालतों ने कांग्रेस नेताओं को दोषमुक्त किया है।
राकेश सिंह यादव ने जीतू पटवारी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘झूठेश्वर’ तक कह दिया। उन्होंने कहा कि जनता को सिर्फ आरोप नहीं, बल्कि दस्तावेज चाहिए। भाजपा ने कांग्रेस से यह भी सवाल किया कि कितने मामलों में पार्टी ने राजनीतिक प्रतिशोध के आरोपों को अदालत में चुनौती दी। साथ ही कितने मामलों में पुलिस ने चालान पेश किया और कितने मामलों में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल की गई, इसकी जानकारी भी सार्वजनिक करने की मांग की गई।
भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस ने पलटवार करते हुए कहा कि सरकार, सत्ता और प्रशासन भाजपा के पास है, इसलिए मुकदमों का पूरा रिकॉर्ड भी सरकार के पास मौजूद है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि भाजपा को 62 लाख मामलों के आंकड़े पर संदेह है तो सरकार खुद जिला और थाना स्तर पर रिकॉर्ड सार्वजनिक करे। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि जनहित से जुड़े आंदोलनों के दौरान उसके नेताओं और कार्यकर्ताओं पर बड़ी संख्या में झूठे और द्वेषपूर्ण मुकदमे दर्ज किए गए हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने भाजपा प्रवक्ता राकेश सिंह यादव के बयान को तथ्यहीन बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर दर्ज मामलों को लेकर भाजपा को राजनीति करने के बजाय सरकारी रिकॉर्ड सामने रखना चाहिए। कांग्रेस का आरोप है कि आंदोलन और जनहित के मुद्दे उठाने वाले कार्यकर्ताओं पर पुलिस कार्रवाई का दबाव बनाया गया। शुक्ला ने कहा कि भाजपा नेताओं के इस तरह के बयान भविष्य में भाजपा के लिए ही ‘भस्मासुर’ साबित होंगे।
62 लाख मुकदमों का दावा अब मध्यप्रदेश की राजनीति में नया मुद्दा बन गया है। एक तरफ भाजपा कांग्रेस से मुकदमों का दस्तावेजी रिकॉर्ड मांग रही है, तो दूसरी ओर कांग्रेस सरकार से ही मामलों का आधिकारिक रिकॉर्ड सार्वजनिक करने को कह रही है। दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच अब नजर इस बात पर है कि 62 लाख मामलों से जुड़े आंकड़े और उनका रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से सामने आता है या नहीं।