एजुकेशन डायलॉग में बोले सीएम मोहन यादव, युवा शिक्षा अधिकारियों की सोच से बदलेगी प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था

Education Dialogue Indore : शिक्षक दिवस पर इंदौर में एजुकेशन डायलॉग में CM मोहन यादव ने शिक्षकों और युवा शिक्षा अधिकारियों से संवाद किया। हर जिले में 90% से ज्यादा रिजल्ट का लक्ष्य दिया।
Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav addressing young education officers
युवा शिक्षकों से बात करते सीएम फोटो सोर्स - नवभारत
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CM Mohan Yadav Education Dialogue : शिक्षक दिवस के अवसर पर इंदौर में आयोजित विशेष कार्यक्रम एजुकेशन डायलॉग में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर के युवा शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों से सीधा संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश का भविष्य गढ़ने में युवा शिक्षा अधिकारियों और शिक्षकों की भूमिका बेहद अहम है। युवा ऊर्जा, नई सोच, तकनीकी समझ और नवाचार की क्षमता का इस्तेमाल शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव के लिए किया जाना चाहिए।

हर जिले में 90% से ज्यादा रिजल्ट का लक्ष्य

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शिक्षा अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक परीक्षा परिणाम हासिल करने का लक्ष्य रखें। उन्होंने कहा कि हर अधिकारी की प्राथमिकता होनी चाहिए कि कोई भी बच्चा पीछे न रहे। कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए और उनकी शैक्षणिक प्रगति की लगातार निगरानी की जाए।

एआई और डिजिटल तकनीक से शिक्षा में बदलाव

डॉ. यादव ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। एआई, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक तकनीक विद्यार्थियों को सीखने के नए अवसर दे रही हैं। उन्होंने शिक्षकों और अधिकारियों से तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों में तार्किक क्षमता, सवाल पूछने की आदत और समस्या समाधान की क्षमता विकसित करने पर जोर दिया।

बच्चों की प्रतिभा पहचानें शिक्षक

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की क्षमता और प्रतिभा अलग होती है। शिक्षक बच्चों की रुचि और योग्यता को पहचानकर उन्हें सही दिशा दें। 10वीं और 12वीं के बाद करियर को लेकर विद्यार्थियों को होने वाले असमंजस को दूर करने में शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों और उनके परिवारों से आत्मीय संबंध बनाने की अपील की।

हर शालाविहीन स्कूल को मिलेगा पक्का भवन

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के जिन विद्यालयों में पक्के भवन नहीं हैं, उन्हें पक्का भवन उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार विद्यार्थियों को बस, साइकिल, गणवेश और मध्यान्ह भोजन सहित विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। उन्होंने कहा कि आर्थिक या सामाजिक कारणों से किसी भी बच्चे की शिक्षा प्रभावित नहीं होनी चाहिए।

युवा अधिकारियों को निभानी होगी ये जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में लगभग 40 नए जिला शिक्षा अधिकारी, 23 जिला परियोजना समन्वयक और करीब 60 विकासखंड शिक्षा अधिकारी पदस्थ किए गए हैं। इन अधिकारियों की औसत आयु लगभग 28 वर्ष है। उन्होंने कहा कि युवा अधिकारियों को केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में नए प्रयोग और नवाचार आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी निभानी होगी।

जिलों के नवाचारों की सराहना

कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के अधिकारियों ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी दी। अशोकनगर में विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति के लिए एप और इंदौर में सरकारी स्कूलों में एआई लैब तथा आईआईटी मद्रास के समन्वय से किए जा रहे आईटी नवाचारों की जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने सफल प्रयोगों को दूसरे जिलों में भी लागू करने पर जोर दिया।

Madhya Pradesh Chief Minister Mohan Yadav addressing young education officers
इंदौर में मेट्रो के विस्तारित चरण की शुरुआत, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने केन्द्रीय मंत्री के साथ किया सफर

यहीं नहीं थमना है, निरंतर आगे बढ़ना है - सीएम

मुख्यमंत्री ने युवा अधिकारियों और शिक्षकों से कहा कि यह उनकी यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव है, लेकिन यहीं रुकना नहीं है। निरंतर आगे बढ़ना है और समाज के लिए कार्य करना है। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और अधिकारियों के प्रयासों से कई पीढ़ियों का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है।

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