महावीर नगर में दूषित पानी का मामला, लोगो का हाल जानने पहुंची कांग्रेस, निगम पर लगाए गंभीर आरोप

Indore Congress Politics: इंदौर के महावीर नगर में कथित रूप से दूषित पानी की सप्लाई से 15 से 20 लोगों के बीमार होने की खबर के बाद मामला गरमा गया है। कांग्रेस ने नगर निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
Congress leaders visit Mahavir Nagar in Indore after residents reportedly fell ill due to suspected contaminated water supply, while health officials conduct a survey in the area.
महावीर नगर में लोगो से जानकरी लेते कांग्रेस के नेता (फोटो सोर्स - नवभारत )
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Indore Mahavir Nagar Water Crisis: शहर के छोटा बांगड़दा स्थित महावीर नगर में दूषित पानी की सप्लाई को लेकर सियासत तेज हो गई है। इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कांग्रेस नेताओं के साथ क्षेत्र का दौरा कर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और नगर निगम पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। उनका कहना है कि निगम की अनदेखी के कारण महावीर नगर को दूसरा भागीरथपुरा बनने की स्थिति में पहुंचा दिया गया है।

20 लोगों के बीमार होने का कांग्रेस का दावा

कांग्रेस शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि क्षेत्र में एकमात्र बोरिंग के पानी में ड्रेनेज का पानी मिलकर सप्लाई होता रहा, जिससे करीब 20 लोग बीमार पड़ गए। उन्होंने दावा किया कि एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए गुजरात के अहमदाबाद भेजा गया है। चौकसे ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों ने कई बार शिकायत की, लेकिन नगर निगम ने समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया।

दूषित पानी के मामले पर निगम को घेरा

कांग्रेस ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी द्वारा पूर्व में पानी के नमूनों की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक किए जाने के बावजूद नगर निगम और महापौर ने दूषित पानी की सप्लाई से इनकार किया था। महावीर नगर की घटना ने इन दावों की पोल खोल दी है। कांग्रेस ने मांग की है कि शहर के सभी प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल जांच कर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।

स्वास्थ्य विभाग ने दी यह जानकारी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की जांच में महावीर नगर क्षेत्र के किसी भी शासकीय या निजी अस्पताल में उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज भर्ती नहीं मिला है। स्थानीय स्तर पर 15 से 20 लोगों में ऐसे लक्षण मिलने की जानकारी पर उनके रक्त नमूने लिए गए हैं, हालांकि जांच के लिए आवश्यक स्टूल सैंपल उपलब्ध नहीं हो सके।

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एहतियात के तौर पर सर्वे और दवाइयों का वितरण

स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र में ओआरएस के पैकेट और क्लोरीन की गोलियों का वितरण किया है। साथ ही नागरिकों को स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल और खान-पान संबंधी जागरूकता दी गई। विभाग की टीम ने लगभग 85 घरों का सर्वे कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाई है। प्रशासन ने लोगों से उबला या स्वच्छ पानी पीने और किसी भी प्रकार के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।

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