इंदौर में लोकायुक्त का बड़ा एक्शन: डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के पास मिली आय से 241% अधिक संपत्ति
Indore Corruption News: इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर छापा मारा है। जांच में आय से 241% अधिक संपत्ति का खुलासा हुआ है।
- Reported By: अंशुल मुकाती | Edited By: प्रीतेश जैन
डिप्टी डायरेक्टर और उसकी बिल्डिंग (फोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन)
Lokayukta Raid on Laxmi Narayan Kandwal: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कार्रवाई के तहत इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने महिला एवं बाल विकास विभाग के डिप्टी डायरेक्टर लक्ष्मी नारायण कंडवाल के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। प्रारंभिक जांच में उनके पास आय से 241 प्रतिशत अधिक संपत्ति होने का खुलासा हुआ है। लोकायुक्त की तीन टीमें उनके विभिन्न परिसरों पर एक साथ जांच कर रही हैं।
जानकारी के अनुसार, लोकायुक्त पुलिस को लक्ष्मी नारायण कंडवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की गोपनीय शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत के सत्यापन के बाद पुलिस महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर विस्तृत जांच की गई। जांच में सामने आया कि शासकीय सेवा के दौरान कंडवाल ने अपनी वैध आय की तुलना में कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की है।
241% ज्यादा संपत्ति मिली
लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, लक्ष्मी नारायण कंडवाल वर्ष 1996 से शासकीय सेवा में कार्यरत हैं। जांच में उनकी वेतन और अन्य वैध स्रोतों से कुल आय लगभग 2.5 करोड़ रुपए आंकी गई है, जबकि अब तक सत्यापित संपत्तियों का मूल्य करीब 9.5 करोड़ रुपए पाया गया है। इस प्रकार उनके पास 241 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति होने के प्रमाण मिले हैं।
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कई ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई
इसी आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उनके ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई की गई। लोकायुक्त की टीमें उनके आवास, जिम, डिपार्टमेंटल स्टोर और अन्य परिसरों में दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि जांच के दौरान करोड़ों रुपए के निवेश, बैंक खातों, अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज सामने आ सकते हैं।
बहुमंजिला भवन की भी जानकारी सामने आई
जांच में स्कीम नंबर-103 स्थित 252 वर्गमीटर के व्यावसायिक भूखंड पर निर्मित लगभग 13,500 वर्गफीट के बहुमंजिला भवन की जानकारी भी सामने आई है। भवन की तीन मंजिलों पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जबकि चौथी मंजिल पर परिवार निवास करता है।
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11 प्लॉट का भी खुलासा
इसके अलावा स्कीम नंबर-140 में दो प्लॉट और पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े तारपुरा, बेकलाय और बनेड़िया सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 11 मूल्यवान प्लॉट्स का भी पता चला है। लोकायुक्त पुलिस संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन और निवेश के स्रोतों की जांच कर रही है। कार्रवाई पूरी होने के बाद संपत्तियों और वित्तीय लेन-देन का विस्तृत ब्यौरा सामने आने की संभावना है।
