

Highlights:
कालाकुंड में सड़क निर्माण पूरा, चोरल नदी पर चार पुल बनाने की तैयारी।
आसपास के आठ गांवों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद।
20 से ज्यादा होम स्टे और जंगल कैंपिंग की संभावनाओं से ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है।
Indore Tourism : प्राकृतिक वादियां, घने जंगल, स्थानीय खानपान और पारंपरिक कलाकंद की मिठास। शहर की भागदौड़ से दूर समय बिताने के शौकीनों के लिए कालाकुंड आने वाले समय में नया आकर्षण बन सकता है। विंध्याचल की पहाड़ियों के बीच बसे इस आदिवासी गांव में पर्यटन की संभावनाएं बढ़ाने के लिए सड़क सुविधा का काम पूरा हो चुका है। अब चोरल नदी पर चार पुल बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। इनके निर्माण से पर्यटकों के साथ आसपास के ग्रामीणों को भी आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण (एमपीआरआरडीए) ने घने जंगल और वन औषधियों को नुकसान से बचाते हुए सड़क निर्माण का काम वर्ष 2024 में पूरा किया था। अब चोरल नदी पर चार ब्रिज बनाने के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एमपीआरआरडीए के महाप्रबंधक लोकेंद्र मंडलोई के मुताबिक, विभाग इसी वर्ष निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
कालाकुंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के साथ पारंपरिक कलाकंद मिठाई के लिए भी जाना जाता है। गांव में कई पशुपालक गाय और भैंस के दूध से पारंपरिक तरीके से कलाकंद तैयार करते हैं। कम शक्कर से बनने वाली इस दानेदार मिठाई का स्वाद लोगों को आकर्षित करता है। पर्यटन को बढ़ावा मिलने पर स्थानीय खानपान और कलाकंद की पहचान को भी विस्तार मिल सकता है।
बारिश के दौरान चोरल नदी के कारण इस क्षेत्र में आवागमन प्रभावित होता है। पुलों की कमी से पर्यटकों के साथ ग्रामीणों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। 30 मई को कलेक्टर शिवम वर्मा ने कालाकुंड में रात्रि चौपाल लगाई थी। इस दौरान ग्रामीणों ने नदी पर पुल बनाने की मांग उठाई थी। प्रस्तावित चार पुल बनने से पहाड़ी क्षेत्र के आठ गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने की उम्मीद है। इससे स्कूल, आंगनवाड़ी, स्वास्थ्य केंद्र और राशन दुकानों तक पहुंचना भी आसान हो सकेगा।
कालाकुंड और आसपास की पहाड़ियों में बसे सात से अधिक आदिवासी गांवों में 20 से ज्यादा होम स्टे संचालित हैं। यहां पर्यटक ग्रामीण जीवन, स्थानीय संस्कृति और प्राकृतिक वातावरण का अनुभव कर सकते हैं। सड़क और पुलों की बेहतर सुविधा मिलने से होम स्टे के साथ जंगल कैंपिंग जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के अवसर बढ़ने की संभावना है।
कालाकुंड तक पहुंचने के लिए पातालपानी से चलने वाली हेरिटेज ट्रेन भी पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। पहले इंदौर से खंडवा जाने वाली ट्रेन के जरिए भी लोग यहां पहुंचते थे, लेकिन बाद में यह रेल मार्ग बंद हो गया। इससे कालाकुंड की मिठाई और प्राकृतिक क्षेत्र तक पहुंचने वाले पर्यटकों की आवाजाही प्रभावित हुई।
अब सड़क मार्ग और प्रस्तावित पुलों से कनेक्टिविटी बेहतर होने पर पर्यटक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से भी आसानी से यहां पहुंच सकेंगे। फिलहाल सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है और चार पुलों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। यदि योजना के अनुसार काम शुरू होता है, तो कालाकुंड इंदौर के आसपास वीकेंड पर घूमने, प्राकृतिक वातावरण का आनंद लेने और ग्रामीण पर्यटन के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकता है।