Jawaharlal Nehru Rare Photo Collection Indore: इंदौर में राहुल गांधी के प्रोग्राम में एक आयुषी सेठी भी हाथ में एक डायरी लेकर पहुंची, उसे राहुल गांधी से मिलना था लेकिन उसकी मुलाकात नहीं हो पाई नवभारत लाइव से एक्सक्लूसिव बातचीत में आयुषी ने बताया कि उसकी डायरी में जवाहरलाल नेहरू जी के वो फोटोज हैं जो शायद किसी के पास नहीं होंगे, क्योंकि यह मेरे परदादा जी ने यह कलेक्शन चालू करा था चिल्ड्रन्स डे के लिए। उन्होंने उनके बेटे को दिया था, मतलब मेरे दादा जी को। मेरे दादा जी ने इसको आगे बढ़ाया, मेरे फादर को दिया। मेरे फादर ने मेरे ब्रदर को दिया। मेरा ब्रदर अब उसके बेटे को देगा। तो यह पीढ़ी-दर-पीढ़ी चल रहा है।
आयुषी ने बताया कि इसकी खासियत यह है कि हमको हर साल चिल्ड्रन्स डे पर हमको गिफ्ट मिलता था। हम हर साल स्कूल से गिफ्ट लेकर आते थे यह उम्मीद लेकर कि हम जाएंगे और यह मिलेगा, क्योंकि इसमें जो फोटोज हैं वो बहुत रेयर कलेक्शन है और जवाहरलाल नेहरू जी ने बच्चों के लिए जो करा है वो शायद आज तक कोई नेता नहीं कर पाया है, किसी ने भी नहीं करा है। आयुषी ने कहा कि यह सरकार जो अभी है जो जवाहरलाल नेहरू जी को गाली बकती है कि उन्होंने क्या किया, क्या नहीं किया, तो वो बताने के लिए मैं लेकर आई थी कि उन्होंने बहुत कुछ किया है हमारे लिए
आयुषी ने आगे कहा कि, यह दादा जी के दादा जी ने करा, हमारे पास तो यह वसीयत बनकर आई है। आयुषी के पिता ने बताया कि उनके टाइम पर वो भी स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े हुए थे। तो इस कारण उन्होंने यह सब उस टाइम फोटो कलेक्ट करके रखा।मेरे दादा जी स्वतंत्रता सेनानी थे। पूरी जिंदगी उन्होंने खादी पहनी है। गांधी जी के रास्ते पर चले हैं, को-इंसिडेंटली आज मेरे दादा जी का बर्थडे है, तो मैं बहुत खुश हूं कि उनके बर्थडे वाले दिन उनको उनकी जो चीज है वो आज मेरे को सबको बताने को मिली।
आयुषी ने बताया कि आज मैं यह उम्मीद लेकर आई थी की राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे, लेकिन उनके वॉलंटियर्स जो दिल्ली से आए उन्होंने बोला कि इतनी भीड़ में नहीं मिला सकते, बहुत स्पेशल चीज है तो हम आपको दिल्ली ही बुलाएंगे, आप दिल्ली में आना, क्योंकि मैं तो उनको यह देना चाहती थी कि आप रखिए यह आपकी अमानत है। जब आयुषी से पूछा कि अब आगे कैसे अपने जो आने वाली पीढ़ी है उसे बताएंगे कि इसे संभाल के रखना है तो आयुषी ने कहा कि हमारी पीढ़ी को पता है क्योंकि हमारे खून में कांग्रेसी है। खून में हमको पता है कि हमारी सरकार ने क्या किया हमारे लिए। हमारे गांधी परिवार ने हमारे लिए क्या किया हमको पता है।
आयुषी ने कहा कि जब महात्मा गांधी जी की डेथ हुई थी तो मेरे दादा जी गए थे, जहां अस्थियां सब जगह बंट रही थीं, वहां से अस्थि भी लेकर आए थे। और वो अस्थि हमारे आगर मालवा में महात्मा गांधी का एक गार्डन बना है, उस गार्डन में उपवन बना है, वहाँ हम लोग सुबह जाते हैं, वॉक करते हैं वहां डाली थी। तो हमारी पीढ़ी-दर-पीढ़ी आ रही है कि हमको कोई बताने की जरूरत नहीं है।