बारिश में भी भरे जाएंगे सड़कों के गड्ढे: नई रोड रिपेयर तकनीक का लाइव ट्रायल, 3 घंटे में सड़क होगी चालू

Indore Monsoon Prepration:इंदौर नगर निगम ने बारिश के दौरान सड़कों के गड्ढों की प्रभावी मरम्मत के लिए विजय नगर चौराहे पर वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर तकनीक का लाइव डेमो किया।
Public Works officials inspect a live demonstration of water-based cold mix asphalt technology for monsoon road repairs at Vijay Nagar Square in Indore.
विजय नगर चौराहे पर लाइव डेमो देखते अधिकारी (फोटो सोर्स - नवभारत)
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Indore Road Repair Technology: इंदौर नगर निगम ने बारिश के मौसम में सड़कों के गड्ढों की समस्या से निपटने के लिए नई तकनीक अपनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के निर्देश पर विजय नगर चौराहे पर वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स डामर तकनीक का लाइव डेमो आयोजित किया गया। जनकार्य प्रभारी राजेंद्र राठौर ने इस तकनीक का निरीक्षण किया। परीक्षण सफल रहने पर इसे शहरभर में सड़क मरम्मत और पेचवर्क कार्यों में लागू किया जा सकता है।

बारिश में गीले गड्ढों में भी होगा तुरंत पैचवर्क

राजेंद्र राठौर ने बताया कि बारिश के दौरान हॉट मिक्स डामर से मरम्मत करना मुश्किल होता है क्योंकि इसके लिए सूखी सतह और गर्म मिश्रण की जरूरत होती है। नई वॉटर-बेस्ड कोल्ड मिक्स तकनीक की खासियत यह है कि इसे सीधे गीले या पानी से भरे गड्ढों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका विशेष बाइंडर नमी के संपर्क में आते ही तेजी से सख्त होकर मजबूत पकड़ बनाता है, जिससे मरम्मत अधिक टिकाऊ होती है।

नई तकनीक की खासियत

इस तकनीक में बिटुमेन इमल्शन, ऑक्सीडाइज्ड बिटुमेन, सॉइल स्टेबलाइज़र, एंटी-स्ट्रिपिंग एजेंट, वॉटरप्रूफिंग सॉल्यूशन, पॉलिमर और नैनो-सिलिका जैसे उन्नत निर्माण रसायनों का उपयोग किया जाता है। इससे सड़क की सतह पर बेहतर बॉन्डिंग, लचीलापन और नमी से सुरक्षा मिलती है। नगर निगम के जनकार्य प्रभारी राजेन्द्र राठौर का कहना है की मरम्मत के बाद सड़क को सामान्यत 1 से 3 घंटे के भीतर यातायात के लिए खोला जा सकता है।

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कम खर्च, कम समय और पर्यावरण के अनुकूल

इस तकनीक में हॉट मिक्स प्लांट या भारी मशीनों की आवश्यकता नहीं होती। साधारण हैंड टैम्पर या प्लेट कॉम्पैक्टर से ही मरम्मत की जा सकती है। इससे ऊर्जा की बचत होती है, लागत कम आती है और ट्रैफिक बाधित भी कम होता है। नगर निगम का कहना है कि यदि परीक्षण पूरी तरह सफल रहा तो बारिश के मौसम में शहरभर की सड़कों के गड्ढों की मरम्मत इसी तकनीक से की जाएगी। इससे नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित सड़कें उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

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