

Nagendra Singh House On Drain Land: रीवा में लगातार हो रही बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी है। भाजपा विधायक नागेंद्र सिंह का आवास भीषण जलभराव की चपेट में है। बताया जा रहा है कि विधायक अपने परिवार के साथ करीब 36 घंटे से पानी के बीच फंसे हुए हैं। आरोप है कि उनके आवास से पानी निकालने के लिए नगर निगम प्रशासन की ओर से अपेक्षित इंतजाम नहीं किए गए हैं। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
मामला सिर्फ एक आवास में पानी भरने तक सीमित नहीं है। जलभराव ने नाले की जमीन, निर्माण, कथित अतिक्रमण और नगर निगम की भवन अनुमति प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, करीब 36 साल पहले कथित तौर पर नाले की जमीन पर निर्माण शुरू हुआ था। बाद में इस क्षेत्र को विकसित कर आवास और फार्महाउस का स्वरूप दिया गया। आरोप है कि जिस स्थान से प्राकृतिक जल निकासी होनी चाहिए थी, वहां निर्माण होने के कारण बारिश के दौरान पानी का बहाव प्रभावित होता है। बताया जा रहा है कि इस परिसर में हल्की बारिश के दौरान भी जलभराव की समस्या पहले सामने आती रही है, लेकिन इस बार करीब 24 घंटे की मूसलाधार बारिश के बाद हालात गंभीर हो गए। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि जमीन वास्तव में नाले या जल निकासी क्षेत्र की थी, तो वहां भवन निर्माण की अनुमति कैसे मिली।
विधायक की ओर से कहा गया है कि मकान निर्माण के समय नगर निगम ने भवन निर्माण की अनुमति दी थी। ऐसे में अब यह जांच का विषय है कि अनुमति देने से पहले जमीन के राजस्व रिकॉर्ड, मौके की स्थिति और प्राकृतिक जल निकासी व्यवस्था की जांच की गई थी या नहीं। यह भी सामने आना जरूरी है कि भवन अनुमति किस अधिकारी ने दी, किस नक्शे के आधार पर अनुमति मिली और क्या निर्माण स्थल का निरीक्षण किया गया था। यदि सभी नियमों के तहत अनुमति दी गई थी तो नगर निगम को संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। वहीं नियमों की अनदेखी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी होगा।
नाले और प्राकृतिक जल निकासी के रास्तों पर निर्माण या अतिक्रमण का असर केवल एक परिसर तक सीमित नहीं रहता। जल बहाव बाधित होने पर आसपास के क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति गंभीर हो सकती है। यही वजह है कि इस मामले में केवल पानी निकालने की व्यवस्था नहीं, बल्कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। विधायक नागेंद्र सिंह 2023 में गुढ़ विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते थे और लंबे समय से राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में उनके आवास का जलभराव प्रशासन के लिए भी गंभीर चुनौती बन गया है। अब सवाल यह है कि जमीन का मूल रिकॉर्ड क्या था, नाला कहां था, निर्माण कब हुआ और अनुमति किस आधार पर मिली। इन सवालों के जवाब सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह सिर्फ बारिश से पैदा हुआ संकट है या इसके पीछे वर्षों पुरानी प्रशासनिक और निर्माण संबंधी लापरवाही भी जिम्मेदार है।