

Indore RE-2 Road Demolition : इंदौर में तीन साल से अधूरे पड़े आरई-2 के करीब एक किलोमीटर हिस्से को पूरा करने के लिए नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की। बंगाली से पीपल्याहाना के बीच सड़क निर्माण में बाधक तीन बस्तियों के 80 से ज्यादा निर्माण हटाए गए।
कार्रवाई के दौरान विरोध और हंगामे की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम पर पथराव किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया। मामले में तीन महिलाओं समेत 9 लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इंदौर नगर निगम ने बिचौली कांकड़, शिव नगर और शिव दर्शन नगर में सड़क निर्माण में बाधक निर्माणों को हटाने की कार्रवाई की। मौके पर जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ निगम का अमला और भारी पुलिस बल तैनात रहा। कार्रवाई के दौरान तीनों बस्तियों में 80 से ज्यादा निर्माणों को जमींदोज किया गया। निगम की कार्रवाई का उद्देश्य आरई-2 के अधूरे हिस्से के निर्माण में आ रही बाधाओं को हटाना है।
बंगाली से पीपल्याहाना के बीच आरई-2 की करीब एक किलोमीटर कनेक्टिविटी पिछले तीन साल से अधूरी पड़ी है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 55 करोड़ रुपए खर्च होने के बावजूद सड़क का यह हिस्सा पूरा नहीं हो पाया है। अब नगर निगम ने बाधक निर्माण हटाकर सड़क निर्माण का रास्ता साफ करने की प्रक्रिया शुरू की है।
नगर निगम के मुताबिक, सभी बाधक निर्माण हटाए जाने के बाद आरई-2 के अधूरे हिस्से का निर्माण शुरू कराया जाएगा। सड़क पूरी होने से भूरी टेकरी, पीपल्याहाना, बंगाली और नायता मुंडला आरटीओ क्षेत्र के बीच वैकल्पिक कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इससे इन क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
निर्माण हटाने की कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते स्थिति हंगामे में बदल गई। कार्रवाई पूरी होने के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम पर कुछ लोगों ने पथराव कर दिया। इसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग करते हुए भीड़ को नियंत्रित किया और स्थिति को संभाला।
पथराव और हंगामे के मामले में पुलिस ने कुल 9 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें तीन महिलाएं भी शामिल हैं। इंदौर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और पथराव में शामिल लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। कार्रवाई के बाद अब निगम का फोकस आरई-2 के अधूरे हिस्से का निर्माण पूरा कराने पर है।