इंदौर रेलवे स्टेशन की पिटलाइन पर हादसा, मेंटेनेंस के दौरान बफर स्टॉप से टकराया पैसेंजर रैक

Indore Railway News: इंदौर रेलवे स्टेशन की पिटलाइन में मेंटेनेंस के दौरान इंदौर-उज्जैन पैसेंजर का खाली रैक बफर स्टॉप से टकरा गया, जिससे उसके पहिए पटरी से उतर गए। रेलवे ने इसे मामूली घटना बताया है।
mpty Indore-Ujjain passenger train rake after hitting a buffer stop at Indore Railway Station pit line during maintenance operations.
इंदौर उज्जैन पैसेंजर ट्रेन को लेकर सुधार कार्य में जुटे रेलवे के कर्मचारी (फोटो सोर्स - नवभारत)
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Indore Railway Pit Line Accident: इंदौर रेलवे स्टेशन की पिटलाइन में मंगलवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मेंटेनेंस कार्य के दौरान इंदौर-उज्जैन पैसेंजर ट्रेन का खाली रैक शंटिंग के समय रिवर्स लेते हुए पिटलाइन के अंतिम छोर पर बने बफर स्टॉप जिसे डेड एंड भी कहा जाता है उससे जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि रैक के कुछ पहिए पटरी से उतर गए, जिससे रेलवे परिसर में अफरा-तफरी मच गई।

रिवर्स शंटिंग के दौरान हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, खाली रैक को पिटलाइन में मेंटेनेंस के लिए लाया गया था। इसी दौरान शंटिंग प्रक्रिया में रिवर्स लेते समय रैक निर्धारित सीमा से आगे निकल गया और बफर स्टॉप से टकरा गया। हादसे के बाद रेलवे के तकनीकी और इंजीनियरिंग विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू व रिस्टोरेशन का काम शुरू किया।

देर रात तक चला रिस्टोरेशन ऑपरेशन

घटना के बाद रेलवे कर्मचारियों ने विशेष उपकरणों की मदद से पटरी से उतरे पहियों को वापस ट्रैक पर लाने का काम किया। देर रात तक चले ऑपरेशन के बाद पिटलाइन को सामान्य किया गया। रेलवे अधिकारियों ने दावा किया कि इस घटना का मुख्य रेल यातायात पर कोई असर नहीं पड़ा और सभी निर्धारित ट्रेनें अपने समयानुसार संचालित होती रहीं।

रेलवे ने बताया मामूली घटना

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इसे बड़े डिरेलमेंट के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके मुताबिक, यह पिटलाइन में शंटिंग के दौरान हुई एक तकनीकी घटना है, जिसमें खाली रैक बफर स्टॉप से टकराया था। यात्री सुरक्षा पर किसी प्रकार का खतरा नहीं था और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

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सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

हालांकि, घटना के बाद रेलवे की कार्यप्रणाली और पिटलाइन सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि शंटिंग के दौरान इस तरह की घटनाएं मानवीय लापरवाही या तकनीकी खामी की ओर इशारा कर सकती हैं। सूत्रों के अनुसार, इंदौर के शंटिंग स्टाफ की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की जांच के संकेत दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

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