इंदौर में लोकायुक्त टीम ने जाल बिछाकर आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा को दबोचा; डेढ़ लाख रुपये की मांगी थी रिश्वत

Rahul Sharma Corruption Case Indore: इंदौर लोकायुक्त पुलिस का बड़ा एक्शन, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और उसका एवजी ₹20,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथों ट्रैप, रेसीडेंसी कोठी में जांच जारी।
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इंदौर में लोकायुक्त पुलिस का बड़ा एक्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Indore Lokayukta Police Trap Action: इंदौर लोकायुक्त पुलिस ने सोनकच्छ जिले के कमर्शियल गैस वितरक की शिकायत पर इंदौर के जूनियर आबकारी अधिकारी और उसके एवजी को बीस हजार की रिश्वत लेते पकड़ा है। अधिकारी ने रिश्वत की रकम अपने एवजी से बुलवाई जिसे लोकायुक्त ने पकड़ लिया जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने ऐवजी के माध्यम से अधिकारी को बुलाया और आरोपी बनाया।

दरअसल प्रमोद दुबे सोनकच्छ के भीसलाय में पटेल ग्रामीण गैस वितरक एजेंसी के नाम से अपनी एजेंसी चलाते हैं जो कमर्शियल गैस सिलेंडर वितरण का काम करती है, जिनके इंदौर जिले में भी काफी कनेक्शन हैं।

आरोपी अधिकारी ने दी लाइसेंस सस्पेंड करवाने की धमकी

फरियादी प्रमोद दुबे ने लोकायुक्त पुलिस को अपनी शिकायत में बताया कि गैस के दाम बढ़ने के बाद कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी राहुल शर्मा और एक अन्य अधिकारी अंकुर गुप्ता उनके पास पहुंचे और तय राशि से ज्यादा में सिलेंडर सप्लाई करने का हवाला देकर चालान करने की बात कही, जब फरियादी ने तय मूल्य पर सिलेंडर देने की बात कही तो उन्होंने अलग अलग तरीके के आरोप लगाकर एजेंसी का लाइसेंस सस्पेंड करवाने की धमकी दी। जिसके साथ ही राहुल शर्मा, अंकुर गुप्ता और उनके तीन अन्य सहयोगियों ने ढाई लाख रुपए मांगे बातचीत में डेढ़ लाख रुपए में मामला खत्म करने की बात कही गई।

फरियादी ने आस-पड़ोस के लोगों से पैसे उधार मांग कर दी रिश्वत

बाद में राहुल और अन्य चार लोग ने दुबे के बाणगंगा स्थित घर पर देर रात तक डेरा डाले रखा। दुबे ने बताया कि उन्होंने आस पड़ोस के लोगों से पैसा उधार लेकर उन्हें एक लाख रुपए दिए। जिसके बाद राहुल बाकी के पचास हजार रुपए के लिए परेशान कर रहे थे, जिसकी शिकायत उन्होंने लोकायुक्त पुलिस को की है। दुबे के मुताबिक इससे पहले भी राहुल ने दो अलग अलग एजेंसी की कमर्शियल टंकियों को इंदौर लाने, फायर एस्ट्रेंगयूशर ना होने और रिकॉर्ड उपलब्ध न होने की धमकी देकर उनकी बेटी की शादी में पहुंचकर एक लाख रुपए ले लिए थे जो दहेज का सामान खरीदने के लिए रखे थे।

शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने बिछाया जाल

शिकायत के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सोमवार को खाद्य आपूर्ति विभाग के इंदौर जिले के कलेक्टर स्थित कार्यालय में पूरा जाल बिछाया और फरियादी प्रमोद दुबे से राहुल शर्मा को फोन लगवाया और बाकी की रकम लेने के लिए बुलाया। इसके बाद राहुल कलेक्टर कार्यालय के बाहर चाय की गुमटी पर अपने एवजी रामू लोहिया को भेजा और रिश्वत के पैसे प्रमोद से कलेक्ट कर लिए। मौके पर मौजूद लोकायुक्त की टीम ने तुरंत लोहिया को पकड़ा और लोहिया के फोन से ही राहुल शर्मा को फोन लगा कर बुलाया गया।

इसके बाद राहुल शर्मा को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है। लोकायुक्त पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर रेसीडेंसी कोठी पहुंची जहां आगे के कार्रवाई लगातार जारी है। इस मामले में लोकायुक्त पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि विभागीय तौर पर बड़ी रिश्वत लेनदेन का मामला सामने आ सकता है, लिहाजा पूरे मामले में सावधानी के साथ जांच की जा रही है इस मामले में अन्य कई अधिकारियों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

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