

Indore Councillor Protest Over Road: देशभर में स्वच्छता के लिए पहचान बनाने वाले इंदौर में मूलभूत सुविधाओं की बदहाली की तस्वीर सामने आई है। वॉर्ड क्रमांक 75 के पालदा रोड स्थित भावना नगर कॉलोनी में जर्जर और कीचड़ से भरी सड़क को लेकर रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा।
क्षेत्र के कांग्रेस पार्षद कुणाल सोलंकी रहवासियों के साथ सड़क पर उतर आए और कीचड़ भरे मार्ग पर ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने नगर निगम से सड़क की तत्काल मरम्मत और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
भावना नगर के रहवासियों ने क्षेत्र की बदहाल सड़क को लेकर पार्षद कुणाल सोलंकी से शिकायत की थी। इसके बाद पार्षद क्षेत्र का निरीक्षण करने पहुंचे। मौके पर हालात देखने के बाद उन्होंने रहवासियों के साथ सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। इस दौरान नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। पार्षद का कहना है कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से सड़क की समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बारिश के कारण सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो चुकी है, जिससे लोगों का आवागमन मुश्किल हो गया है।
कुणाल सोलंकी ने आरोप लगाया कि भावना नगर में मुख्य रूप से दलित और आदिवासी समाज के लोग निवास करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने बताया कि वर्षों तक प्रयास करने और अधिकारियों को पत्र लिखने के बाद सड़क का निर्माण कराया गया था। हालांकि बाद में विधायक की अनुशंसा पर ड्रेनेज लाइन डालने के लिए सड़क को दोबारा खोद दिया गया। पार्षद के अनुसार, नगर निगम के इंजीनियर हर्ष गहलोत से पिछले दो महीनों से ट्रेंच भरने और सड़क को व्यवस्थित करने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। सड़क पर गिट्टी तक नहीं डाली गई है।
बारिश के चलते सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बन गई है। इससे वाहन चालकों, पैदल राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन दुर्घटना का खतरा बना रहता है और क्षेत्र में निकलना मुश्किल हो गया है। धरने के दौरान पार्षद कुणाल सोलंकी ने नगर निगम प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जब तक नगर निगम कमिश्नर या एडिशनल कमिश्नर मौके पर पहुंचकर सड़क की समस्या के समाधान का स्पष्ट आश्वासन नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रहवासियों ने भी सड़क की तत्काल मरम्मत और ड्रेनेज कार्य के बाद मार्ग को व्यवस्थित रूप से बहाल करने की मांग की है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस समस्या का कब तक हल निकालता है।