राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर कांग्रेस का केंद्र सरकार पर हमला, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग
Ram Mandir Donation Controversy : कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने राम मंदिर चढ़ावा और कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। SC की निगरानी में जांच और फोरेंसिक ऑडिट की मांग की।
- Reported By: अंशुल मुकाती | Edited By: प्रीतेश जैन
हरीश चौधरी (फोटो सोर्स- नवभारत)
Harish Choudhary Ram Mandir Allegation : अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला है। इंदौर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस के मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने आरोप लगाया कि भगवान राम के नाम पर श्रद्धालुओं से प्राप्त दान और चढ़ावे में अनियमितताओं के गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनकी सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए।
हरीश चौधरी ने कहा कि करोड़ों लोगों ने अपनी आस्था और विश्वास के साथ राम मंदिर निर्माण के लिए दान दिया था, लेकिन अब उसी मंदिर से आर्थिक अनियमितताओं और कथित चढ़ावा चोरी की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने इसे केवल वित्तीय मामला नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ विश्वासघात बताया।
अनियमितताओं की जवाबदेही किसकी है?
कांग्रेस नेता हरीश चौधरी ने सवाल उठाया कि जब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन केंद्र सरकार की निगरानी में हुआ और प्रशासनिक स्तर पर प्रधानमंत्री कार्यालय की भूमिका रही, तो कथित अनियमितताओं की जवाबदेही किसकी है। उन्होंने यह भी पूछा कि यदि सब कुछ पारदर्शी था, तो ट्रस्ट के तत्कालीन महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा को इस्तीफा क्यों देना पड़ा।
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तत्काल FIR दर्ज की जाए
कांग्रेस ने मांग की कि पूरे मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए, दोषियों की गिरफ्तारी हो, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पुनर्गठन किया जाए तथा मंदिर से जुड़े चंदे, चढ़ावे, भूमि खरीद और खर्चों का फोरेंसिक ऑडिट कराया जाए। हरीश चौधरी ने कहा कि भगवान राम किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि पूरे देश की आस्था के प्रतीक हैं। ऐसे में राम मंदिर से जुड़े धन के उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव पर भी साधा निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हरीश चौधरी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगे जमीन खरीद और कथित अनुचित लाभ के आरोपों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर सार्वजनिक रूप से जवाब देना चाहिए।
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दिग्विजय सिंह की यात्रा और अन्य सवालों पर बचते नजर आए
दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित महाकाल मंदिर से अयोध्या यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर हरीश चौधरी ने कहा कि यह उनका निजी कार्यक्रम है। वहीं, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी से जुड़े सवालों पर उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और टिप्पणी करने से बचते नजर आए।
