

इंदौर में प्रधान आरक्षक फिरोज खान की 33 अचल संपत्तियां जांच के घेरे में।
आय ₹1.93 करोड़, खर्च ₹13 करोड़ से ज्यादा।
लोकायुक्त जांच में 22 बैंक खाते और कई कंपनियों का खुलासा।
17 बैंक खातों में मिले ₹10 लाख से ज्यादा
Indore Head Constable Assets Investigation: इंदौर में पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय में पदस्थ प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान की संपत्तियों ने लोकायुक्त जांच के बाद कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आय से अधिक संपत्ति के मामले में लोकायुक्त की छापेमारी के बाद अब तक 33 अचल संपत्तियों की जानकारी सामने आई है।
इन संपत्तियों की अनुमानित कीमत करीब 29 करोड़ 73 लाख रुपये बताई जा रही है। सवाल यह है कि आखिर एक प्रधान आरक्षक के पास इतनी बड़ी संपत्ति कहां से आई और इसके पीछे कमाई का स्रोत क्या है।
लोकायुक्त की जांच के मुताबिक, फिरोज खान की ज्ञात आय करीब 1 करोड़ 93 लाख रुपये आंकी गई है। वहीं, जांच के दौरान करीब 13 करोड़ 7 लाख रुपये खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह ज्ञात आय और खर्च के बीच करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक का अंतर सामने आया है। इसी अंतर ने आय से अधिक संपत्ति के मामले को गंभीर बना दिया है। हालांकि, जांच पूरी होने और संपत्तियों के स्रोतों का सत्यापन होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
जांच के बीच सांवेर तहसील के ग्राम गुरान में 21.75 बीघा जमीन का मामला भी सामने आया है। आरोप है कि इस जमीन का पंजीकृत एग्रीमेंट फिरोज खान की महिला परिचित रोशनी वर्मा के नाम पर कराया गया था। सूत्रों के मुताबिक फिरोज खान ने उनके पिता से 35 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन का सौदा किया था। अदालत से स्थगन मिलने और परिवार में समझौता होने के बाद भी जमीन बेचने के लिए दबाव बनाया गया। शिकायत के बाद यह मामला जांच के दायरे में आया। अब जांच में यह पता लगाना अहम होगा कि जमीन के इस सौदे का फिरोज खान की दूसरी संपत्तियों से कोई संबंध है या नहीं।
लोकायुक्त की कार्रवाई में करीब नौ वाहनों के दस्तावेज, 22 बैंक खातों और कई कंपनियों से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। जांच एजेंसी अब संपत्तियों, बैंक खातों और संबंधित लेन-देन की पड़ताल कर रही है। इन दस्तावेजों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संपत्तियां किसके नाम पर हैं, उनका वास्तविक स्रोत क्या है और उनमें निवेश के लिए रकम कहां से आई।
इस मामले के बीच फिरोज खान का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में वह सार्वजनिक रूप से नोट उड़ाते दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह वीडियो उनकी बेटी की शादी का है, जिसका आयोजन शेरेटन होटल में हुआ था। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली रकम और आयोजन पर हुए कुल खर्च की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वीडियो को जांच के निष्कर्ष के बजाय सामने आए तथ्यों के संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।
फिलहाल लोकायुक्त टीम की जांच जारी है। 33 अचल संपत्तियों, बैंक खातों, वाहनों और जमीन के सौदे से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि संपत्ति अर्जित करने में किसी तरह की अनियमितता हुई है या नहीं। एक प्रधान आरक्षक की ज्ञात आय और सामने आए खर्च के बीच बड़ा अंतर इस मामले का सबसे अहम पहलू है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में संपत्तियों के स्रोत को लेकर क्या खुलासे होते हैं और जिम्मेदारी किसकी तय होती है।
लोकायुक्त की जांच में प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान के मामले में अब तक करीब 13 करोड़ 7 लाख 82 हजार 867 रुपये चल-अचल संपत्तियों पर खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है, जो उनकी ज्ञात आय की तुलना में 575 प्रतिशत अनुपातहीन बताई गई है। लोकायुक्त ने अब तक 22 बैंक खातों की जानकारी जुटाने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजे हैं। इनमें से 17 खातों में कुल 10 लाख 6 हजार 382 रुपये की अंतिम शेष राशि मिली है, जबकि बाकी पांच खातों की जानकारी जुटाई जा रही है। बैंक खातों से राशि निकालने पर रोक लगाने के लिए भी पत्र भेजे गए हैं।