

दिग्विजय सिंह की 20 अक्टूबर से महाकालेश्वर मंदिर से शुरू होगी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा।
राम मंदिर के चंदे, जमीन और वोट चोरी के आरोपों पर BJP-RSS को घेरा।
OBC के 27% आरक्षण के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही।
दिग्विजय सिंह ने यात्रा को निजी पहल बताया, कांग्रेस से संबंध होने से किया इनकार।
Digvijaya Singh Satya Sanatan Yatra: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा से पहले इंदौर में मीडिया से चर्चा के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे, मंदिर की जमीन और वोट चोरी के आरोपों को लेकर सवाल उठाए।
वहीं, ओबीसी आरक्षण के मुद्दे पर 27 प्रतिशत आरक्षण की मांग का समर्थन करते हुए सुप्रीम कोर्ट जाने की बात कही। दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया कि उनकी सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा निजी यात्रा है और इसका कांग्रेस पार्टी से कोई संबंध नहीं है।
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर से उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन और पार्थिव शिवलिंग निर्माण के बाद शुरू होगी। प्रस्तावित यात्रा करीब 950 से 1000 किलोमीटर लंबी होगी। इस दौरान प्रतिदिन लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलने की योजना है। यात्रा मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों और गांवों से होते हुए ओरछा पहुंचेगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश के रास्ते अयोध्या स्थित राम मंदिर तक जाने का कार्यक्रम है।
दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य मंदिरों को मिलने वाले चंदे और दान के उपयोग में पारदर्शिता, धर्म के नाम पर कथित अधर्म और वोट चोरी के आरोपों की निष्पक्ष जांच जैसे मुद्दों पर जनजागरण करना है। उन्होंने यात्रा को अपनी व्यक्तिगत पहल बताते हुए इसे कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधि से अलग बताया।
इंदौर शहर में मीडिया से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह ने RSS और BJP पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर निर्माण के लिए मिले चंदे और मंदिर से जुड़ी जमीन के मामलों में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने SIR और वोट चोरी के आरोपों का भी जिक्र किया। बातचीत के दौरान दिग्विजय सिंह ने संघी आतंकवाद जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी किया। उनके बयानों के केंद्र में धार्मिक मुद्दों के नाम पर राजनीति, मंदिरों को मिलने वाले दान के उपयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवाल रहे।
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन एकता यात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर दिग्विजय सिंह ने अपनी एक पुरानी घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह एक बार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की कथा में गए थे, जिसके बाद उन्हें कोविड हो गया था। उन्होंने यह भी कहा कि कथा में उनके साथ गए कुछ लोग अब इस दुनिया में नहीं हैं।
मीडिया से चर्चा के दौरान नेहा बोरा से जुड़े सवाल पर दिग्विजय सिंह जवाब देने से बचते नजर आए। वहीं, जेन-जी के विरोध प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने राहुल गांधी का जिक्र किया। दिग्विजय सिंह ने कहा कि राहुल गांधी युवा हैं और इस मुद्दे पर वही जवाब दे सकते हैं। खुद को 80 साल का बुजुर्ग बताते हुए उन्होंने इस विषय पर टिप्पणी करना उचित नहीं समझा।