20 अक्टूबर से दिग्विजय सिंह की यात्रा, राम मंदिर चंदे की जांच की मांग, SIR पर 13 करोड़ नाम कटने का दावा

Digvijaya Singh Press Conference : दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर से शुरू होगी। राम मंदिर चंदे की जांच की मांग के साथ SIR, ECI-Net और मतदाता सूची से नाम हटाने पर सवाल उठाए।
Digvijaya Singh announces the Satya Sanatan Swabhiman Yatra from Ujjain to Ayodhya
दिग्विजय सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंसफोटो सोर्स- नवभारत
Published on: 
Updated on: 

Highlights:

  • सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होकर अयोध्या तक जाएगी।

  • दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण और चंदा संग्रह से जुड़े कथित मामलों की जांच की मांग की।

  • SIR के तहत 13 करोड़ नाम हटने का दावा करते हुए ECI-Net और फॉर्म-6 पर सवाल उठाए।

  • सम्राट चौधरी के बयान पर माफी या इस्तीफे की मांग की।

  • निर्वाचन आयोग के सामने 23 मांगें रखने और SIR के खिलाफ याचिका दायर करने की जानकारी दी।

Digvijaya Singh Satya Sanatan Swabhiman Yatra : मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपनी प्रस्तावित सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा की घोषणा की है। उन्होंने भोपाल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यात्रा 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन उज्जैन से शुरू होगी और अयोध्या तक पदयात्रा के रूप में निकाली जाएगी। इस दौरान धार्मिक अनुष्ठानों के साथ राम मंदिर निर्माण और मतदाता अधिकारों से जुड़े मुद्दे भी उठाए जाएंगे।

दिग्विजय सिंह के मुताबिक, यात्रा की शुरुआत उज्जैन में चिंतामण गणेश और महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन-पूजन के साथ होगी। सुबह 9 बजे महाकाल के दर्शन करने के बाद पदयात्रा शुरू की जाएगी। दशहरे पर महाकाल की सवारी के मद्देनजर प्रशासन ने जो मार्ग निर्धारित किया है, यात्रा उसी मार्ग का पालन करेगी।

शिवलिंग निर्माण, कन्या भोज और भंडारे के होंगे आयोजन

दिग्विजय सिंह ने बताया कि सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा के दौरान शिवलिंगों का निर्माण, पूजन-अभिषेक, कन्या भोज, भंडारा और प्रसादी के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि यात्रा के लिए थीम सॉन्ग भी तैयार कराया गया है। उनके अनुसार, द्वारका-शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शुभ संदेश भी उन्हें मिले हैं।

राम मंदिर निर्माण और चंदा संग्रह की जांच की मांग

दिग्विजय सिंह ने कहा कि यात्रा के पर्चे में राम जन्मभूमि का संक्षिप्त इतिहास और राम मंदिर निर्माण से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोपों का उल्लेख किया जाएगा। उन्होंने मंदिर के लिए चंदा संग्रह, चांदी, जमीन की खरीद और निर्माण से संबंधित मामलों में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग उठाई। ये आरोप दिग्विजय सिंह की ओर से लगाए गए हैं।

ECI-Net सॉफ्टवेयर की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने निर्वाचन आयोग के ECI-Net सॉफ्टवेयर पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसकी कार्यप्रणाली से निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ERO) के अधिकार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने का काम निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने सॉफ्टवेयर के चयन और निर्माण की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए।

मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदनों पर जताई आपत्ति

दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए बड़ी संख्या में आवेदन दिए गए। उनके मुताबिक, एक व्यक्ति को 10 से अधिक मतदाताओं के नाम हटाने के आवेदन देने की अनुमति नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में 25 से 50 नामों तक के आवेदन जमा किए गए। उन्होंने गोवा के एक मामले का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि नाम जोड़ने के निर्देश के बावजूद संबंधित ERO को पोर्टल पर यह अधिकार उपलब्ध नहीं था।

फॉर्म-6 में बदलाव को लेकर जताई चिंता

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि मतदाता पंजीकरण के फॉर्म-6 में अतिरिक्त घोषणा जोड़ी गई है। इसमें आवेदक से उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम पिछली SIR मतदाता सूची में दर्ज होने के बारे में जानकारी मांगी जाती है। उन्होंने इस बदलाव पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसी शर्तों से मतदाता पंजीकरण प्रभावित हो सकता है।

SIR में 13 करोड़ नाम हटने का किया दावा

दिग्विजय सिंह ने दावा किया कि SIR के चलते करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उनके अनुसार, इनमें मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के अलावा ऐसे लोग भी शामिल हो सकते हैं, जिनके पास पूर्वजों के नाम से जुड़े अपेक्षित दस्तावेज नहीं हैं। उन्होंने कहा कि नाम कटने के बाद मताधिकार बहाल कराने की प्रक्रिया लंबी हो सकती है। हालांकि, 13 करोड़ नाम हटने के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती।

Digvijaya Singh announces the Satya Sanatan Swabhiman Yatra from Ujjain to Ayodhya
इंदौर के होटल और जमीन मामले में कांग्रेस के आरोप, BJP बोली- नियमों के तहत मिलीं अनुमतियां

निर्वाचन आयोग के सामने रखीं 23 मांगें

दिग्विजय सिंह ने बताया कि उन्होंने SIR के खिलाफ याचिका दायर की है, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 326 का उल्लेख करते हुए कहा कि निर्वाचन आयोग को लागू कानूनों के अनुरूप काम करना चाहिए। उनके मुताबिक, इस मामले में आयोग के सामने 23 मांगें रखी गई हैं और गृह मंत्रालय को भी पक्षकार बनाया गया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के चयन को लेकर भी सवाल उठाए।

Navbharat Live
navbharatlive.com