

Highlights :
देवास जहरीली शराब कांड पर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने।
बीजेपी प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कांग्रेस नेताओं पर लगाए आरोप।
इंदौर के दवा बाजार से कथित केमिकल सप्लाई नेटवर्क का दावा।
जीतू पटवारी और विनय बाकलीवाल की भूमिका पर उठाए सवाल।
Dewas Poisonous Liquor Case Update: देवास जहरीली शराब कांड को लेकर एमपी की राजनीति में आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा ने मामले में कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए इंदौर के दवा बाजार को कथित अवैध केमिकल सप्लाई नेटवर्क से जोड़ने का दावा किया है। बीजेपी ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर कांग्रेस ने प्रदेश में सक्रिय शराब माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने मीडिया से चर्चा में दावा किया कि जहरीली शराब मामले में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल उनके बेटे अमन कासलीवाल और कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल की गिरफ्तारी हो चुकी है। यादव के मुताबिक राहुल जायसवाल के बयान से इंदौर के दवा बाजार के जरिए कथित अवैध केमिकल सप्लाई नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। उन्होंने इस नेटवर्क के पीछे राजनीतिक संरक्षण होने की आशंका भी जताई।
राकेश सिंह यादव ने दवा बाजार के अध्यक्ष और पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष विनय बाकलीवाल के साथ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि गिरफ्तार आरोपियों से कथित संबंधों और सामने आए आरोपों के बावजूद संबंधित नेताओं के खिलाफ कांग्रेस ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। हालांकि भाजपा प्रवक्ता के ये आरोप हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
भाजपा प्रवक्ता ने इंदौर शहर के दवा बाजार के कई व्यापारियों और अन्य कारोबारियों की एसआईटी से जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि देवास जहरीली शराब मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच होनी चाहिए ताकि केमिकल सप्लाई नेटवर्क से जुड़े लोगों और उनके राजनीतिक संपर्कों की भी पड़ताल हो सके। उन्होंने दावा किया कि जांच का दायरा बढ़ने पर इस मामले में अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।
कांग्रेस की ओर से AICC मीडिया कोऑर्डिनेटर नीलाभ शुक्ला ने इस मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शराब माफिया पूरे प्रदेश में सक्रिय है और सरकार को इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच में यदि किसी भी व्यक्ति का कनेक्शन सामने आता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
देवास जहरीली शराब कांड अब कानून व्यवस्था के साथ राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप का मुद्दा भी बन गया है। बीजेपी कथित केमिकल सप्लाई नेटवर्क और राजनीतिक संरक्षण की जांच की मांग कर रही है जबकि कांग्रेस शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी सरकार पर डाल रही है। अब देखना होगा कि जांच में कथित केमिकल सप्लाई नेटवर्क और राजनीतिक संबंधों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं।