इंदौर: ग्रामीणों को नशामुक्ति का पाठ, शहर के बायपास पर कब लगेगी अवैध शराबखोरी पर लगाम?

Bypass Illegal Liquor: ग्रामीण क्षेत्रों में लग रहीं चौपाल लेकिन बायपास पर ढील, देवास-इंदौर बायपास के ढाबों पर अवैध शराबखोरी लगातार जारी। आबकारी विभाग की छापामारी के बाद उठे निगरानी व्यवस्था पर सवाल।
Indore Excise Department seizes 65 bottles of country-made and foreign liquor during inspections at six dhabas.
इंदौर के आबकारी विभाग के द्वारा ग्रामीणों को दी जा रही समझाइश फोटो सोर्स - नवभारत
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HIGHLIGHTS:

  • देवास में आबकारी विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में चौपाल लगाकर नशामुक्ति अभियान चला रहा है।

  • राऊ से मानपुर तक गहन जांच में 65 बोतल देशी और विदेशी शराब जब्त।

  • कार्रवाई के कुछ दिनों बाद गतिविधियां दोबारा शुरू होने पर उठ रहे सवाल।

Indore De Addiction Awareness Campaign In Rural Area: देवास में अवैध शराब का मामला सामने आने के बाद अब आबकारी विभाग ग्रामीण इलाकों में चौपाल लगाकर लोगों को नशामुक्ति का संदेश दे रहा है। इंदौर के सांवेर क्षेत्र में ग्रामीणों को अवैध शराब के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने और इसके संग्रहण-विक्रय पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

विभाग की इस सक्रियता के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा हो रहा है, जब ग्रामीणों को शराब से दूर रहने की समझाइश दी जा रही है, तो शहर के बायपास और आसपास के इलाकों में ढाबों पर होने वाली शराबखोरी पर प्रभावी नियंत्रण कब होगा

गांवों में चौपाल, बायपास पर कब होगी कार्रवाई?

आबकारी विभाग की ओर से ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाने के दावे किए जा रहे हैं। दूसरी ओर, बायपास और आसपास के कुछ ढाबों पर देर शाम शराब पीने वालों की मौजूदगी को लेकर सवाल उठते रहे हैं। आरोप हैं कि ऐसे ठिकानों पर कार्रवाई होने के कुछ दिनों बाद ही गतिविधियां फिर शुरू हो जाती हैं।

ऐसे में सवाल यह है कि क्या विभाग की कार्रवाई केवल कुछ दिनों तक सीमित रहती है, या फिर अवैध शराब की बिक्री और सार्वजनिक रूप से शराबखोरी पर स्थायी रोक लगाने के लिए भी कोई प्रभावी व्यवस्था है, यदि कार्रवाई के बाद वही स्थिति दोबारा बनती है, तो निगरानी की व्यवस्था पर सवाल उठना लाजिमी है।

छह ढाबों पर जांच में सिर्फ 65 बोतल शराब जब्त

आबकारी विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार सहायक आबकारी आयुक्त अभिषेक तिवारी के निर्देश पर राऊ से मानपुर तक ढाबो की जाँच की गयी, इस दौरान छह प्रकरण दर्ज किए गए, विभाग के मुताबिक, महाकाल ढाबा, मां भगवती रेस्टोरेंट एवं ढाबा, ठाकुर श्री ढाबा, बाबा ढाबा, राजपूत ढाबा और जय मां काली ढाबा सहित छह स्थानों की जांच की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 65 बोतल देशी और विदेशी मदिरा जब्त की गई। संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है।

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इंदौर का बायपास इलाका देर शाम से हो रहा नशेड़ियो से गुलजार

इंदौर शहर के बायपास इलाके में देर शाम से नशेड़ियो का जमावड़ा होना शुरू हो जाता है, बायपास के ढाबों पर अवैध तरीके से बिठा कर शराब पिलाई जा रही है, जिन पर ना तो आबकारी विभाग का नियंत्रण है और ना ही पुलिस का, लिहाजा यही शराबी कई बार दुर्घटनाओ का कारण भी बन रहे है, जिन ढाबो पर आबकारी विभाग कारवाई करने का दावा करता है उन्ही पर कुछ दिनों बाद फिर से अवैध शराब पिलाना शुरू हो जाती है

कार्रवाई के बाद दोबारा क्यों शुरू हो जाती हैं गतिविधियां

विभाग की कार्रवाई के आंकड़े अपनी जगह हैं, लेकिन असली कसौटी यह है कि इन कार्रवाइयों का जमीन पर कितना असर पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर उठ रहे सवालों के मुताबिक, बायपास के कुछ ढाबों पर शाम होते ही शराब पीने वालों का जमावड़ा लगने की शिकायतें सामने आती हैं। ऐसे में केवल दबिश देकर शराब जब्त करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता, जब तक संबंधित स्थानों पर लगातार निगरानी न रखी जाए। यह भी सवाल उठता है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्रवाई के साथ शहर की सीमा में आने वाले ढाबों और रेस्टोरेंट की जांच कितनी नियमितता से की जा रही है।

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