अब खुलेंगे रोजगार ने नए अवसर, CM मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर की दी सौगात; जानें क्या है खास
Indore News: CM मोहन यादव ने किया 2360 करोड़ के इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर का भूमि-पूजन। 20 किमी लंबे इस मार्ग से उद्योगों और रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार।
- Written By: सजल रघुवंशी
सीएम मोहन यादव (सोर्स- सोशल मीडिया)
CM Mohan Yadav Bhumi Pujan IPEC: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के प्रथम चरण का भूमि-पूजन किया। यह पहल प्रदेश में अधोसंरचना, उद्योग और शहरी विकास को समेकित रूप से आगे बढ़ाने की रणनीति को दर्शाती है। बता दें कि यह प्रोजेक्ट किसी एक सेक्टर को नहीं बल्कि कई सेक्टर को फायदा पहुंचाने का काम करेगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मजबूत औद्योगिक आधार और आकर्षक निवेश गंतव्य बनाने में इकोनॉमिक कॉरिडोर (IPEC) अहम भूमिका निभाएगा। कार्यक्रम के दौरान एक शॉर्ट फिल्म के जरिए कॉरिडोर की रूपरेखा, संभावनाएं और क्षेत्रीय प्रभाव प्रस्तुत किए गए।
कॉरिडोर से मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी
यह कॉरिडोर इंदौर एयरपोर्ट के पास स्थित सुपर कॉरिडोर को पीथमपुर निवेश क्षेत्र से जोड़ते हुए एक सुसंगठित औद्योगिक धुरी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके जरिए औद्योगिक इकाइयों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, साथ ही लॉजिस्टिक्स, परिवहन और बाजार तक पहुंच भी अधिक सुगम और प्रभावी होगी। यह परियोजना इंदौर क्षेत्र में विकसित हो रहे औद्योगिक क्लस्टर्स को एकीकृत कर निवेश के लिए मजबूत और व्यवस्थित माहौल तैयार करेगी।
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इस परियोजना की यह हैं मुख्य विशेषताएं
- विस्तृत सड़क मार्ग: इस परियोजना के तहत इंदौर के सुपर कॉरिडोर से पीथमपुर निवेश क्षेत्र तक लगभग 20.28 किलोमीटर लंबा आधुनिक मार्ग विकसित किया जा रहा है।
- बजट और क्षेत्रफल: इस कॉरिडोर का विकास लगभग 1316 हेक्टेयर क्षेत्र में किया जाएगा, जिसके लिए सरकार ने कुल 2360 करोड़ रुपये की लागत निर्धारित की है।
- भविष्योन्मुखी इंफ्रास्ट्रक्चर: कॉरिडोर के अंतर्गत 75 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क का निर्माण होगा, जिसके दोनों ओर बफर जोन बनाया जाएगा ताकि भविष्य की जरूरतों के हिसाब से इसका विस्तार किया जा सके।
- बेहतर नेशनल हाईवे कनेक्टिविटी: यह मार्ग एनएच-47 और एनएच-52 के बीच एक मजबूत कड़ी बनेगा, जिससे औद्योगिक वाहनों का परिवहन अधिक सुगम, सुरक्षित और समयबद्ध हो सकेगा।
- शहरी और औद्योगिक विकास: यह परियोजना इंदौर क्षेत्र में न केवल संतुलित शहरीकरण को बढ़ावा देगी बल्कि एक संगठित इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए औद्योगिक विकास को भी नई ऊंचाइयां प्रदान करेगी।
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सीएम मोहन यादव ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के जरिए पीथमपुर निवेश क्षेत्र, लॉजिस्टिक हब, टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों को एकीकृत कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे उत्पादन और वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी और उद्योगों के संचालन में आसानी आएगी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि करेगी।
