

Indore Vande Mataram Controversy : स्वतंत्रता दिवस के मौके पर इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय में कथित तौर पर सिर्फ 55 सेकंड के वंदे मातरम् के गायन को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा ने इसे राष्ट्रगीत के निर्धारित प्रोटोकॉल से जोड़ते हुए कांग्रेस से जवाब मांगा है। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने मामले की तथ्यात्मक जांच कराने की मांग जिला प्रशासन से की है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने दावा किया कि गृह मंत्रालय की ओर से 9 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान के गायन-वादन को लेकर प्रोटोकॉल जारी किया गया है। भाजपा के अनुसार, संबंधित आधिकारिक संस्करण की अवधि करीब 3 मिनट 10 सेकंड है। वहीं इंदौर शहर कांग्रेस कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के उपलब्ध वीडियो में वंदे मातरम् का गायन करीब 55 सेकंड में समाप्त होता दिखाई देता है। इसी अंतर को लेकर भाजपा ने सवाल खड़े किए हैं।
राकेश सिंह यादव ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की तथ्यात्मक जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की मूल वीडियो रिकॉर्डिंग, आयोजन से जुड़ी अनुमति या सूचना, लागू सरकारी निर्देश और गृह मंत्रालय की ओर से जारी प्रोटोकॉल की जांच की जानी चाहिए। भाजपा का कहना है कि जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के गायन को लेकर निर्धारित नियमों का पालन हुआ था या नहीं।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर राष्ट्रगीत के प्रोटोकॉल का जानबूझकर उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। यादव ने कहा कि राष्ट्रगीत के सम्मान का मुद्दा राजनीतिक विवाद से ऊपर है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं से स्पष्ट करने की मांग की कि स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में वंदे मातरम् का कथित तौर पर केवल छोटा अंश ही क्यों प्रस्तुत किया गया।
भाजपा ने मामले की जांच के साथ ही कथित प्रोटोकॉल उल्लंघन की स्थिति में कार्रवाई की मांग भी की है। यादव ने कहा कि यदि जांच में जानबूझकर नियमों की अनदेखी सामने आती है तो बीएनएस की धारा 223 सहित लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, इस मामले में प्रशासन की ओर से जांच को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
वंदे मातरम् के गायन की अवधि को लेकर उठे इस विवाद के बीच भाजपा ने कांग्रेस से सार्वजनिक तौर पर जवाब मांगा है। भाजपा का कहना है कि राष्ट्रीय पर्व के कार्यक्रम में राष्ट्रगीत के निर्धारित स्वरूप और प्रोटोकॉल का पालन होना चाहिए। वहीं, कांग्रेस की ओर से लगाए गए आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब मामले में कांग्रेस का पक्ष और प्रशासन की जांच महत्वपूर्ण होगी।