'ASI ने सर्वे में तय मानकों का पालन नहीं किया...', भोजशाला को लेकर मुस्लिम पक्ष ने उठाए सवाल; रखीं यह दलील

Bhojshala Mandir Masjid Row: धार भोजशाला मामले में मस्जिद पक्ष ने ASI के सर्वे को दोषपूर्ण बताया है, मस्जिद पक्ष ने कार्बन डेटिंग न होने पर उठाए सवाल।
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धार भोजशाला विवाद (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Bhojshala Case High Court Update: भोजशाला के धार्मिक स्वरूप को निर्धारित करने को लेकर 6 अप्रैल से हाई कोर्ट में चल रही सुनवाई सोमवार को भी जारी रही। इस दौरान मस्जिद पक्ष की ओर से जवाब पेश किया गया, जिसमें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की सर्वे प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए।

मस्जिद पक्ष ने दलील दी और कहा कि सर्वे के दौरान प्राप्त शिलाओं, मूर्तियों और अन्य पुरावशेषों की कार्बन डेटिंग नहीं कराई गई। ऐसे में बिना वैज्ञानिक परीक्षण के एएसआई यह निष्कर्ष कैसे निकाल सकता है कि भोजशाला का निर्माण परमारकाल में हुआ था। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि वर्ष 2003 से भोजशाला एएसआई के अधीन है और यह आशंका पूरी तरह खारिज नहीं की जा सकती कि सर्वे से पहले कुछ वस्तुओं को वहां प्रतिस्थापित किया गया हो।

एएसआई के सर्वे को मस्जिद पक्ष ने बताया गलत

मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता तौसीफ वारसी ने हाई कोर्ट के समक्ष दलील देते हुए कहा कि एएसआई द्वारा किया गया सर्वे पूरी तरह नियमों के अनुरूप नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट के आदेश के बावजूद सर्वे के दौरान निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि भोजशाला परिसर से जो मूर्तियां प्राप्त हुई हैं, वे पूरी तरह साफ-सुथरी अवस्था में मिली हैं, जिससे उनकी प्रामाणिकता और स्थिति को लेकर सवाल उठते हैं।

मस्जिद पक्ष ने विभिन्न पहलुओं पर दर्ज कराईं आपत्ति

मस्जिद पक्ष के अधिवक्ता तौसीफ वारसी ने दलील देते हुए कहा कि एएसआई को उच्च स्तरीय जांच के साथ-साथ प्राप्त सामग्री की कार्बन डेटिंग कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया, जो प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि भोजशाला परिसर में वजूखाना सहित अन्य संरचनाओं की मौजूदगी को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। इस दौरान अधिवक्ता ने विभिन्न पहलुओं पर आपत्तियां दर्ज कराईं। इसके अलावा मस्जिद पक्ष की ओर से अधिवक्ता नूर मोहम्मद ने भी अपनी ओर से तर्क प्रस्तुत किए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े सलमान खुर्शीद

मस्जिद पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए और उन्होंने एएसआई के सर्वे को लेकर अदालत के समक्ष आपत्तियां दर्ज कराईं। मस्जिद पक्ष के याचिकाकर्ता अब्दुल समद ने कहा कि भोजशाला में एएसआई द्वारा किए गए सर्वे के दौरान जो भी सामग्री प्राप्त हुई, उस पर उन्होंने पहले ही एएसआई के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक उसका कोई समाधान या निराकरण नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि यही सभी आपत्तियां अब कोर्ट के समक्ष भी रखी गई हैं।

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