

टोल टैक्स बचाने के लिए Google Maps पर शॉर्टकट तलाशने का दावा।
श्रद्धालुओं को कुचलते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार से टकराया ट्रक।
हादसे के बाद फरार चालक गिरफ्तार, ब्रेक फेल और लापरवाही समेत कई पहलुओं की जांच जारी।
Sheetla Mata Temple Accident New Revelation: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक हादसे को लेकर एक नया दावा सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, धान से लदे ट्रक का चालक कथित तौर पर टोल टैक्स बचाने के लिए गूगल मैप्स पर शॉर्टकट तलाश रहा था। इसी दौरान ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर पहुंच गया और श्रद्धालुओं को कुचलते हुए मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया।
हादसे में 15 लोगों की मौत और 25 से अधिक लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है। नवरात्र के दौरान मंदिर परिसर के आसपास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद थी।
ग्वालियर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी 40 वर्षीय ट्रक चालक बिलबाग सिंह धान से लदा भारी वाहन लेकर जा रहा था। आरोप है कि वह टोल टैक्स बचाने के लिए गूगल मैप्स की मदद से वैकल्पिक रास्ता तलाश रहा था। इसी दौरान ट्रक ग्वालियर शहर से करीब 20 किलोमीटर दूर शीतला माता मंदिर के पास चिनोर रोड के प्रतिबंधित मार्ग में प्रवेश कर गया। यह रास्ता नो एंट्री क्षेत्र में होने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
हादसा शनिवार देर रात करीब डेढ़ बजे हुआ। नवरात्र त्योहार के कारण मंदिर के बाहर और आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। बताया गया कि अनियंत्रित ट्रक लोगों को कुचलता हुआ सड़क किनारे की दुकानों को क्षतिग्रस्त कर मंदिर के प्रवेश द्वार से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि मंदिर की दीवार का एक हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में 15 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
जानकारी के मुताबिक, दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया था। पुलिस ने तलाश के दौरान उसे मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान वह सदमे की हालत में बताया गया।
पुलिस इस मामले में कई पहलुओं की जांच कर रही है। इसमें प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक के प्रवेश, चालक की संभावित लापरवाही और वाहन के ब्रेक फेल होने की आशंका शामिल है। जांच में यह भी स्पष्ट करना होगा कि ट्रक निर्धारित मार्ग से क्यों भटका और दुर्घटना को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते थे। फिलहाल, हादसे की अंतिम वजह जांच के बाद ही सामने आएगी।