मध्य प्रदेश में 50 घी-मसाले असुरक्षित, 42 बैच वापस मंगाने के आदेश; लेकिन जो खा चुके उनका क्या?

Unsafe Ghee And Product MP: त्योहारों से पहले मध्य प्रदेश में खाद्य विभाग का बड़ा एक्शन, घी और मसालों के 50 असुरक्षित उत्पाद रडार पर। 42 के रीकॉल आदेश और 8 की बिक्री पर रोक।
Madhya Pradesh orders recall of 42 batches of unsafe ghee and spices
मध्य प्रदेश में 50 घी-मसाले असुरक्षित(सोर्स- सोशल मीडिया)
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HIGHLIGHTS:

  • MP में घी-मसालों के 50 उत्पादों पर कार्रवाई, 42 उत्पादों के बैच वापस मंगाने के आदेश।

  • आठ उत्पादों की बिक्री पर रोक, उपभोक्ताओं से ब्रांड और बैच नंबर जांचने की अपील।

  • छिंदवाड़ा, धार, इंदौर, उज्जैन समेत कई जिलों के घी-मसाले जांच के दायरे में।

  • संदिग्ध बैच वाले उत्पादों का इस्तेमाल तुरंत रोकें, पैक लौटाने के लिए विक्रेता या निर्माता से संपर्क करें।

Madhya Pradesh Food Safety News: त्योहारों से पहले मध्य प्रदेश में घी और मसालों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जांच में असुरक्षित पाए गए 50 उत्पादों पर कार्रवाई की गई है। इनमें 42 उत्पादों के संबंधित बैच देशभर के बाजारों से वापस मंगाने (रीकॉल) के आदेश दिए गए हैं, जबकि आठ उत्पादों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। लेकिन इस खबर के बीच सबसे बड़ा सवाल उन परिवारों का है, जो इन उत्पादों को पहले ही खरीदकर इस्तेमाल कर चुके हैं।

प्रशासन ने इनकी खरीद-बिक्री और इस्तेमाल बंद करने की अपील की है। ऐसे में उपभोक्ताओं के लिए जरूरी है कि वे अपने घर में रखे पैक का ब्रांड और बैच नंबर जरूर जांचें।

50 उत्पादों पर कार्रवाई, इन जिलों के घी-मसाले जांच के दायरे में

खाद्य एवं औषधि प्रशासन की जानकारी के मुताबिक, छिंदवाड़ा में अनिक घी 200 मिलीलीटर (बैच नंबर DGB13F26A) और सात्विक केश देसी घी सूची में शामिल हैं। धार में श्रीमूल एगमार्क शुद्ध घी, SRMI मिल्क क्रीम एगमार्क घी, अमृत शुद्ध घी, नंद कृष्णा घी और मधुसूदन देसी घी का उल्लेख है। नर्मदापुरम में संगाध देसी गाय का घी और जवासी काउ देसी घी, जबकि उज्जैन में डेयरी सरस घी पैक और जेवीएस ऑर्गेनिक गाय का घी कार्रवाई के दायरे में हैं। दतिया में मधुसूदन देसी घी का एक बैच भी सूचीबद्ध है।

इंदौर समेत अन्य जिलों के उत्पाद भी सूची में

इंदौर शहर में गसंता प्रीमियम काउ घी और गुमर योर काउ घी सहित कई उत्पादों पर कार्रवाई की जानकारी दी गई है। इसके अलावा श्रीमूल एगमार्क घी, वास्तु एगमार्क घी और पीवर ब्रांड लाल मिर्च पाउडर के कुछ बैचों का भी उल्लेख है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन सभी उत्पादों के सटीक बैच नंबर नहीं दिए गए हैं। इसलिए केवल ब्रांड नाम देखकर किसी भी पैक को प्रतिबंधित बैच मानने के बजाय आधिकारिक सूची से उसका मिलान करना जरूरी है।

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असुरक्षित खाद्य पदराथ का नाम और बैच नंबर(सोर्स- सोशल मीडिया)
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आठ उत्पादों की बिक्री पर रोक, इन नामों को भी जांचें

प्रशासन के मुताबिक, आठ उत्पादों की बिक्री संबंधित जिलों में रोकने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें धार का अनिक केश देसी घी 5 किलो पैक, छिंदवाड़ा जिले का पतंजलि काउ घी 200 मिलीलीटर, कटनी का अनिक घी पैक और नर्मदापुरम का संगाध काउ घी शामिल हैं। इन उत्पादों के बैच नंबर उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं हैं। उपभोक्ताओं को पैक पर दर्ज बैच नंबर, निर्माण संबंधी विवरण और आधिकारिक रिकॉल सूची का मिलान करना चाहिए।

जो घी-मसाले पहले ही खा चुके, उनका क्या होगा?

उत्पाद वापस मंगाने के आदेश के बाद उन परिवारों की चिंता स्वाभाविक है, जिन्होंने इनका पहले ही इस्तेमाल कर लिया है। हालांकि, उत्पाद का असुरक्षित घोषित होना अपने आप यह साबित नहीं करता कि उसे खाने वाले हर व्यक्ति को नुकसान होगा। वास्तविक खतरा इस बात पर निर्भर करता है कि उत्पाद में क्या खामी मिली है। यदि सेवन के बाद उल्टी, दस्त या पेट दर्द जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लें। प्रशासन को भी संबंधित बैचों में मिली खामी और स्वास्थ्य संबंधी जोखिम स्पष्ट करने चाहिए। फिलहाल, घर में मौजूद संदिग्ध उत्पाद का इस्तेमाल रोकें और उसे लौटाने के लिए विक्रेता या निर्माता से संपर्क करें।

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