MP News: 2.5 साल में तौयार होंगे जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर के रिंग रोड, निर्माण कार्यों को मिली नई गति

Ring Road Project MP: सीएम ने भोपाल 35.6 किमी पश्चिमी बायपास 2.5 साल व ग्वालियर-जबलपुर-उज्जैन रिंग रोड 1.5 साल में पूरा करने के निर्देश दिए, 481 ब्लैक स्पॉट सुधार की योजना को भी मिली हरी झंडी।
Madhya Pradesh Ring Road Project Gwalior Jabalpur
प्रतीकात्मक इमेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Madhya Pradesh Ring Road Project Gwalior Jabalpur: भोपाल पश्चिमी बायपास, जिसकी लंबाई 35.6 किलोमीटर है, का निर्माण कार्य आगामी ढाई वर्षों में पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन के रिंग रोड का कार्य आगामी डेढ़ वर्ष के भीतर पूर्ण होने की संभावना है।

प्रदेश के अन्य मध्यम और छोटे शहरों जैसे रतलाम, देवास, सागर, सतना, रीवा और कटनी जहां यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है, वहां नए रिंग रोड विकसित करने की योजना पर काम शुरू किया गया है। इसके साथ ही विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से मौजूदा बायपास मार्गों को रिंग रोड में परिवर्तित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

सीएम मोहन यादव को दी गई यह जानकारी

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने गुरुवार को समीक्षा बैठक के दौरान यह जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि प्रदेश के बड़े शहरों में बन रहे रिंग रोड निर्माण कार्यों को और अधिक गति दी जाए तथा समयसीमा में पूरा करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

जबलपुर और ग्वालियर को मिलेगा लाभ

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया कि आने वाले समय में जबलपुर और ग्वालियर जैसे मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों को भी अधोसंरचना विकास के प्रयासों का व्यापक लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सिंहस्थ 2028 से कुछ महीने पहले सभी प्रमुख सड़क निर्माण कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। बैठक में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में दी गई यह बड़ी जानकारी

बैठक में मंत्री ने बताया कि जीआईएस आधारित योजना और डेटा-संचालित निर्णय प्रक्रिया अपनाने के साथ ही नए मार्गों के लिए नेटवर्क प्लानिंग एवं अलाइनमेंट परीक्षण को मुख्य अभियंता स्तर पर अनिवार्य किए जाने से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। अधिकारियों ने जानकारी दी कि सड़कों पर कुल 481 दुर्घटना संभावित क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं।

मिल्क कैपिटल के प्रयास सफल होते दिख रहे हैं- सीएम मोहन यादव

पशुपालन विभाग की गतिविधियों की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश को मिल्क कैपिटल बनाने के प्रयास अब सफल होते दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9.67 लाख किलोग्राम दुग्ध संकलन दर्ज किया जा रहा है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है।

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