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भाजपा की कोर ग्रुप बैठक में डॉ. नरोत्तम मिश्रा की गैरमौजूदगी से राजनीतिक चर्चाएं तेज हुईं।
नरोत्तम मिश्रा ने बैठक की सूचना नहीं मिलने की बात कही थी।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से फिर आए चर्चा में।
Dr Narottam Mishra MP BJP Core Group Meeting : एमपी की राजनीति में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा एक बार फिर चर्चा में हैं। अक्टूबर की शुरुआत में भाजपा की कोर ग्रुप बैठक में उनकी गैरमौजूदगी ने राजनीतिक अटकलों को हवा दी थी। इस घटनाक्रम के बाद पार्टी में उनकी भूमिका और संगठनात्मक स्थिति को लेकर सवाल उठे।
इसी बीच सोशल मीडिया पर नरोत्तम मिश्रा एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें वो कुछ पंक्तियों को कहते नजर आ रहे हैं। जिसके बाद से राजनीतिक बहस को एक बार फिर से हवा मिल गई है।
1 अक्टूबर 2026 को भोपाल में भाजपा के नए प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब की मौजूदगी में कोर ग्रुप की बैठक हुई थी। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नरोत्तम मिश्रा ने कहा था कि उन्हें बैठक की सूचना नहीं मिली। दूसरी ओर भाजपा की प्रदेश सह प्रभारी रेखा वर्मा ने कहा कि उन्हें आमंत्रित किया गया था लेकिन उस समय वे भोपाल में मौजूद नहीं थे। प्रदेश प्रभारी बिप्लब देब ने भी उनसे बातचीत होने और सब कुछ सामान्य होने की बात कही थी।
शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में गृह मंत्री रहे डॉ. नरोत्तम मिश्रा प्रदेश भाजपा के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे हैं। लेकिन चुनावी हार और संगठनात्मक बैठकों में उनकी भूमिका को लेकर समय-समय पर चर्चाएं होती रही हैं। हालिया बैठक की गैरमौजूदगी ने इन सवालों को फिर चर्चा में ला दिया है।
इसी बीच सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें नरोत्तम मिश्रा कुछ पंक्तियों के कहते नजर आ रहे हैं।
'तुमने कहा कृष्ण यादव थे, ब्राह्मण ने कहा नहीं कृष्ण भगवान थे'।
'तुमने कहा राम रघुवंशी थे, ब्राह्मण ने कहा- राम भगवान थे'।
'तुमने कहा राम रघुवंशी थे, ब्राह्मण ने कहा- राम भगवान थे'।
'तुमने कहा रावण ब्राह्मण था, ब्राह्मण ने कहा रावण राक्षस था'।
नरोत्तम मिश्रा के नाम से जोड़ी जा रही इन पंक्तियों ने भी राजनीतिक बहस को एक बार फिर से हवा दे दी है। इन पंक्तियों को सामाजिक पहचान जातिगत विमर्श और धार्मिक प्रतीकों से जोड़कर देखा जा रहा है।
नरोत्तम मिश्रा की गैरमौजूदगी को लेकर दो तरह की चर्चाए हैं। एक ओर इसे पार्टी के भीतर बदलते संगठनात्मक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है। तो दूसरी ओर भाजपा नेताओं ने बैठक में उनकी अनुपस्थिति को लेकर सफाई दी है। ऐसे में केवल एक बैठक के आधार पर उनकी भूमिका सीमित होने या पार्टी में उनका कद घटने का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
अब निगाहें भाजपा की आगामी बैठकों, संगठनात्मक फैसलों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में डॉ नरोत्तम मिश्रा की भूमिका पर रहेंगी।