₹50 हजार देकर सॉल्वर से परीक्षा दिलवाई; बायोमेट्रिक टेस्ट ने खोला BSF भर्ती परीक्षा के सॉल्वर गैंग का राज
BSF Recruitment Fake Candidate: बीएसएफ भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा, ₹50 हजार देकर सॉल्वर से परीक्षा दिलवाने वाला जबलपुर का युवक बेंगलुरु में ट्रेनिंग के दौरान बायोमेट्रिक जांच में गिरफ्तार।
- Reported By: निशांत तिवारी | Edited By: सजल रघुवंशी
प्रतीकात्मक इमेज (एआई जनरेटेड)
BSF Recruitment Solver Gang Exposed: देश की सुरक्षा से जुड़ी बीएसएफ भर्ती में एक बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ा गया है। जबलपुर का युवक 50 हजार देकर सॉल्वर से बीएसएफ परीक्षा और मेडिकल करवा कर कॉन्स्टेबल बन गया। बेंगलुरु ट्रेनिंग सेंटर में 12 दिन तक ट्रेनिंग भी कर ली लेकिन अंतिम बायोमेट्रिक में फिंगरप्रिंट 100% मिसमैच होते ही पूरा खेल खुल गया। ग्वालियर के बिजौली थाने में केस दर्ज कर सॉल्वर गैंग की तलाश शुरू हो गई है।
दअरसल जबलपुर के मनमोहन नगर, रांझी निवासी शिव सिंह का चयन एसएससी परीक्षा-2025 के जरिए कॉन्स्टेबल जीडी पद पर हुआ था। नियुक्ति मिलने के बाद वह 9 मार्च 2026 को बेंगलुरु स्थित बीएसएफ ट्रेनिंग सेंटर पहुंच गया। ट्रेनिंग शुरू होने के 12 दिन बाद 21 मार्च को दस्तावेजों के अंतिम सत्यापन और बायोमेट्रिक मिलान के दौरान उसके फिंगरप्रिंट रिकॉर्ड से मेल नहीं खाए।
कई बार जांच के बाद भी फिंगरप्रिंट मिसमैच
सिस्टम ने कई बार जांच के बाद भी 100 प्रतिशत मिसमैच दिखाया। जांच अधिकारियों ने जब एसएससी आवेदन पत्र और ई-एडमिट कार्ड पर लगी तस्वीरों का मिलान किया तो पोल खुल गई। परीक्षा देने वाला व्यक्ति और ट्रेनिंग करने पहुंचा युवक अलग-अलग थे। अधिकारियों ने सख्ती से पूछताछ की तो सारा राज सामने आ गया। पूछताछ में शिव सिंह ने स्वीकार किया कि उसने 50 हजार रुपए देकर एक अज्ञात सॉल्वर को अपनी जगह लिखित परीक्षा और मेडिकल टेस्ट दिलवाया था।
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फर्जीवाड़े से ट्रेनिंग तक पहुंचा युवक
इस फर्जीवाड़े की मदद से ही वह चयनित हुआ और ट्रेनिंग तक पहुंच गया। जांच में पता चला कि आरोपी की लिखित परीक्षा 19 फरवरी 2025 को ग्वालियर के बिजौली थाना क्षेत्र के एक परीक्षा केंद्र में हुई थी। भर्ती प्रक्रिया के अन्य चरण भी यहीं पूरे हुए थे। इसी वजह से बेंगलुरु पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला जांच के लिए ग्वालियर भेज दिया।
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सॉल्वर गैंग के सदस्यों को ट्रेस कर रही पुलिस
बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने इसे गंभीर सुरक्षा चूक माना है। पुलिस अब परीक्षा केंद्र से जुड़े कर्मचारियों, सॉल्वर और गैंग के अन्य सदस्यों को ट्रेस कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि बायोमेट्रिक सिस्टम की वजह से फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। वरना यह जवान ट्रेनिंग पूरी कर लेता। जांच में और खुलासे होने की संभावना है।
