

Gwalior GRMC Paramedical Students Protest : ग्वालियर के गजराराजा मेडिकल कॉलेज (GRMC) में पैरामेडिकल छात्रों ने स्टाइपेंड सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन में 1000 से ज्यादा छात्रों के शामिल होने की बात सामने आई है।
छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें स्टाइपेंड नहीं मिल रहा है और उनकी दूसरी समस्याओं पर भी प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा। प्रदर्शन के बाद कॉलेज प्रशासन ने छात्रों को उनकी मांगों के निराकरण के लिए पैरामेडिकल यूनिवर्सिटी से बातचीत करने का आश्वासन दिया।
GRMC में सुबह से ही पैरामेडिकल छात्रों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। छात्र हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर कॉलेज पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। विरोध जताते हुए छात्रों ने कॉलेज के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर दी। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक उन्हें राहत नहीं मिली है।
ग्वालियर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें समय पर स्टाइपेंड नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा उनकी अन्य समस्याओं का भी निराकरण नहीं किया जा रहा। छात्रों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बार-बार आश्वासन दिए जाते रहे हैं, लेकिन मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी के चलते बड़ी संख्या में छात्र विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे।
छात्रों के मुताबिक, स्टाइपेंड से जुड़ी समस्या और अन्य मांगों को लेकर 1000 से ज्यादा विद्यार्थी परेशान हैं। छात्रों ने मांग की कि उनका स्टाइपेंड समय पर जारी किया जाए और लंबित समस्याओं का समाधान किया जाए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने की अपील की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए GRMC प्रशासन ने छात्रों से बातचीत की। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया कि पैरामेडिकल यूनिवर्सिटी से चर्चा कर छात्रों की मांगों को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि, स्टाइपेंड जारी होने और अन्य मांगों के समाधान को लेकर आगे की कार्रवाई पर छात्रों की नजर रहेगी।
प्रदर्शन और कॉलेज गेट पर तालाबंदी को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में ग्वालियर पुलिस बल तैनात रहा। छात्र अपनी मांगों को लेकर विरोध जताते रहे, वहीं प्रशासन ने बातचीत के जरिए समस्या के समाधान का भरोसा दिया। अब देखना होगा कि पैरामेडिकल यूनिवर्सिटी और कॉलेज प्रशासन के बीच बातचीत के बाद छात्रों को स्टाइपेंड और अन्य मांगों पर कब तक राहत मिलती है।