'धर्म को कभी राजनीति के तराजू में नहीं तौला', श्रीराम महायज्ञ में पहुंचे दिग्विजय सिंह; दिया बड़ा बयान

Bhainsa Shriram Mahayagya: गुना के भैंसा में 151 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ के समापन में दिग्विजय सिंह शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने कभी धर्म को राजनीति के तराजू से नहीं तौला।
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दिग्विजय सिंह (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Digvijay Singh Big Statement On Religion: पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने धर्म और राजनीति को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि धर्म समाज को जोड़ने का काम करता है, जबकि राजनीति लोगों को बांटने का माध्यम बन जाती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा धर्म को अपनी आस्था और आत्मा का विषय माना है, न कि राजनीतिक लाभ का साधन। यह बयान उन्होंने अपने ऊपर लग रहे हिंदू धर्म विरोधी आरोपों के जवाब में दिया।

दिग्विजय सिंह ने कहा कि राघौगढ़ राजपरिवार का अस्तित्व किले पर विराजमान स्वयंभू हनुमान जी महाराज की कृपा से है। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा कि उनके परिवार ने हमेशा सनातन धर्म को श्रद्धा और विश्वास के साथ अपनाया है। उन्होंने कहा कि हमने धर्म को हमेशा अपनी आस्था का केंद्र माना है, इसे कभी राजनीति के तराजू में नहीं तौला। उनके अनुसार धर्म का मूल उद्देश्य लोगों को जोड़ना और समाज में सद्भाव बनाए रखना है।

भैंसा में श्रीराम महायज्ञ के समापन में पहुंचे दिग्विजय सिंह

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अपने गृहनगर गुना जिले के राघौगढ़ क्षेत्र स्थित ग्राम भैंसाना में आयोजित 151 कुंडीय श्रीराम महायज्ञ के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे। सनातन संस्कृति और धार्मिक आस्था के इस विशाल आयोजन में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। आयोजन समिति के अनुसार महायज्ञ में करीब 30 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पहुंचकर दर्शन और पूजन किया।

जयवर्धन सिंह ने किया था श्रमदान

गौरतलब है कि इस भव्य आयोजन की तैयारियां नवंबर 2025 से ही शुरू हो गई थीं। राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह ने भी आयोजन में आम श्रद्धालु की तरह हिस्सा लेते हुए कुदाल और फावड़ा उठाकर श्रमदान किया था। महायज्ञ के समापन अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और कांग्रेस पार्टी के विधायक जयवर्धन सिंह ने विधि-विधान के साथ अंतिम आहुति अर्पित की और संत-महात्माओं से आशीर्वाद प्राप्त किया।

संत ने 30 साल का संकल्प किया पूरा

इस धार्मिक आयोजन के समापन पर एक भावुक और अद्भुत क्षण तब देखने को मिला, जब भैंसा धाम के संत गुड्डा महाराज ने हनुमान भक्ति में लिया गया अपना 30 वर्षों पुराना कठिन संकल्प पूरा किया। बताया गया कि वह पिछले तीन दशक से अन्न का त्याग कर केवल फलाहार और जल ग्रहण कर रहे थे। महायज्ञ के समापन अवसर पर उन्होंने विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच प्रसादी के रूप में भोजन का पहला निवाला ग्रहण किया। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद श्रद्धालु भावुक हो उठे और पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण छा गया।

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