

Dindori Snake Rescue : डिंडोरी के आदिवासी अंचल में सांपों को लेकर लोगों की सोच में बदलाव देखने को मिल रहा है। पहले घर या खेत में सांप दिखाई देने पर डर के कारण उन्हें मार दिया जाता था, लेकिन अब लोग सर्प मित्रों को सूचना देकर उनका सुरक्षित रेस्क्यू करा रहे हैं। रेस्क्यू के बाद सांपों को उनके प्राकृतिक रहवास वाले जंगल में छोड़ दिया जाता है।
इसी क्रम में डिंडोरी जिले के अलग-अलग इलाकों से पांच सांपों का सफल रेस्क्यू किया गया। इनमें तीन कोबरा और दो रेड स्नेक शामिल हैं। सर्प मित्रों की टीम ने सभी सांपों को सुरक्षित तरीके से पकड़ने के बाद अमरपुर मार्ग स्थित चटिया खजरी के जंगल में छोड़ दिया।
सर्प विशेषज्ञ भास्कर वर्मे के मुताबिक, उनके द्वारा प्रशिक्षित सर्प मित्र डिंडोरी नगर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी रेस्क्यू का काम कर रहे हैं। कहीं सांप दिखाई देने की सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंचती है और उसे सुरक्षित तरीके से पकड़कर जंगल में छोड़ देती है। यह काम स्वेच्छा और लोगों के सहयोग से किया जा रहा है।
भास्कर वर्मे ने बताया कि सांप पर्यावरण के संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे खेतों में चूहों और दूसरे छोटे जीवों की संख्या को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। ऐसे में सांपों को नुकसान पहुंचाने के बजाय उनके बारे में सही जानकारी रखना और सुरक्षित रेस्क्यू कराना जरूरी है।
सर्प विशेषज्ञ ने लोगों से सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक या किसी तरह के अंधविश्वास में समय बर्बाद नहीं करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सांप के काटने पर पीड़ित को तत्काल नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र ले जाना चाहिए, ताकि समय पर चिकित्सकीय उपचार मिल सके।
सर्प मित्रों की ओर से लगातार रेस्क्यू के साथ लोगों को जागरूक करने का काम भी किया जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक, सही जानकारी और समय पर चिकित्सा से सर्पदंश के मामलों में जीवन बचाने में मदद मिल सकती है। वहीं सांपों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक रहवास में छोड़कर सर्प संरक्षण को भी बढ़ावा दिया जा सकता है।