डिंडोरी: तीन साल पहले बनी करीब 7 करोड़ की सड़क बारिश में बही, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल

Dindori Road Construction Damage: बारिश के पानी में बह गई 7 करोड़ की सड़क, महज 3 साल पहले बनी सड़क का बड़ा हिस्सा पुलिया के पास से बहा, रीवा की कंपनी के निर्माण की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।
Three-year-old road damaged due to heavy rain in Dindori
डिंडोरी में 7 करोड़ का विकास कार्य पानी में बहा(सोर्स- सोशल मीडिया)
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मध्यप्रदेश के आदिवासी बहुल डिंडोरी जिले के मेहदवानी विकासखंड में करीब तीन साल पहले बनाई गई सड़क तेज बारिश में बह गई। लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से बनी सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

बताया जा रहा है कि सड़क का निर्माण मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण विभाग के तहत रीवा की शिव शक्ति कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराया गया था। बीते दिनों हुई तेज बारिश के दौरान पानी के तेज बहाव से पुलिया के पास सड़क का बड़ा हिस्सा बह गया। सड़क के बीचों-बीच गहरी कटाव की स्थिति बनने से मार्ग पर आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

बारिश के पानी में बह गई सड़क

स्थानीय लोगों के मुताबिक बारिश के दौरान पानी का तेज बहाव सड़क और पुलिया के आसपास से गुजरा। इसी दौरान सड़क का एक बड़ा हिस्सा पानी के साथ बह गया। सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

निर्माण गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल

सड़क के क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के दौरान गुणवत्ता और जल निकासी से जुड़े मानकों का पर्याप्त ध्यान नहीं रखा गया। उनका कहना है कि यदि सड़क और पुलिया का निर्माण बेहतर गुणवत्ता और उचित जल निकासी व्यवस्था के साथ किया गया होता तो कुछ ही वर्षों में इस तरह की स्थिति नहीं बनती।

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जिला प्रशासन से जांच की मांग

मेहदवानी जनपद क्षेत्र के रामप्रसाद तेकाम ने सड़क बह जाने की जानकारी जिला प्रशासन को दी है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही या गुणवत्ता संबंधी कमी सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार की जिम्मेदारी तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर खड़े हुए सवाल

अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कब तक कराई जाती है। फिलहाल करीब तीन साल पुरानी सड़क के बारिश में बह जाने से करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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