अमरावती में नदियां उफान पर, 16 लोगों का सफल रेस्क्यू; DCM सुनेत्रा पवार ने जिला प्रशासन को दिए सख्त निर्देश

Amravati Rescue Operation: अमरावती में बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए। आपदा प्रबंधन टीम ने 2 रेस्क्यू ऑपरेशन में 16 लोगों को सुरक्षित निकाला। सुनेत्रा पवार ने राहत कार्य तेज करने के दिए निर्देश।
Rivers in spate in Amravati, 16 people successfully rescued; DCM Sunetra Pawar issues strict instructions to the district administration.
अमरावती, बाढ़, रेस्क्यू ऑपरेशन, (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Amravati Flood Rescue Mission: अमरावती जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट गया है और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

इस स्थिति के बीच आपदा प्रबंधन विभाग की टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग रेस्क्यू ऑपरेशनों में उफनती नदियों में फंसे कुल 16 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है।

घटना की गंभीरता को देखते हुए उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने जिला प्रशासन से स्थिति की जानकारी ली और नागरिकों तक तत्काल राहत पहुंचाकर जन-धन की हानी न हो इसका ख्याल रखने के निर्देश दिए।

पेरमिली के 70 गांव 3 दिनों से अंधेरे में डूबे

पिछले तीन दिनों से जिले में जारी मूसलाधार बारिश के कारण जिले का जनजीवन प्रभावित हो गया था। अहेरी तहसील अंतर्गत पेरमिली समेत परिसर के करीब 70 गांवों की बिजली आपूर्ति बंद होने के कारण इन गांवों के नागरिक पिछले तीन दिनों से अंधेरे में जीवनयापन कर रहे है।

हालांकि, महावितरण द्वारा बिजली आपूर्ति पूर्ववत करने के लिये निरंतर प्रयास किया जा रहा है। बावजूद इसके बिजली आपूर्ति सुवारू नहीं हुई है। अहेरी तहसील का पेरमिली यह परिसर विस्तार में काफी बढ़ा है।

6 किसानों की सोयाबीन फसल बर्बाद

वेला-सुजातपुर सड़क चौड़ीकरण कार्य के दौरान ठेकेदार की कथित लापरवाही के कारण मांडगांव के छह किसानों की खेती जलमग्न हो गई, जिससे सोयाबीन एवं कपास की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है।

प्रभावित किसानों ने प्रशासन से तत्काल पंचनामा कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। जानकारी के अनुसार, इंद्रदीप इगल इंफेरा इंडिया लिमिटेड कंपनी के माध्यम से सड़क चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है।

बारिश से जिला हुआ बेहाल

जिले में पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। शुक्रवार को मूर्तिजापुर तहसील को छोड़कर जिले की सभी तहसीलों में अतिवृष्टि दर्ज की गई। बीते 24 घंटों में जिले में औसतन 74.6 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई, जिससे कई नदियां और नाले उफान पर आ गए, बाढ़ के कारण अनेक क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है और कई प्रमुख मार्गों पर यातायात बाधित हो गया है।

लगातार बारिश के चलते बालापुर, तेल्हारा, पातुर और अकोला तहसीलों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण निचले इलाकों में पानी भर गया है। जहां एक ओर बारिश से किसानों को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों पर जलभराव के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

चंद्रपुर में मछुआरा हुआ लापता

गोंडपिपरी तहसील के नवेगांव वाघाडे निवासी कैलास मेश्राम (45) का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे वे मछली पकड़ने के लिए नवेगांव-कोरबी खेत क्षेत्र से होकर बहने वाले नाले पर गए थे, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी घर वापस नहीं लौटे परिजनों को संदेह होने पर उन्होंने घटनास्थल पर जाकर तलाश शुरू की। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस और संबंधित बचाव दल द्वारा उनकी तलाश की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल पाई है।

चंद्रपुर जिले के इरई में बढ़ रहा पानी

जिले में पिछले तीन दिनों से हो रही अत्यधिक बारिश के कारण जहां एक ओर जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर नदी-नालें उफान पर होने से 13 से अधिक मार्ग बंद हुए है।

हालांकि अभी इस बारिश के कारण जिले में कोई भी गांव या बस्तियां बाढ़ से प्रभावित नहीं हुई है, किंतु इराई बांध लबालब होने की कगार पर होने से इस बांध के दरवाजें किसी भी वक्त खोले जाने की स्थिति निर्माण हुई है और इस कारण से इराई नदी के तटीय क्षेत्रों में बसे करीब 20 गांवों तथा शहरी बस्तियों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए है। पिछले तीन दिनों में हुई इस बारिश ने जिले के जलाशयों में जलस्तर बढ़ाने का काम किया है।

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