

टीआई दिलीप पुरी की हत्या के बाद पुलिस का एक्शन, मास्टरमाइंड राहुल जायसवाल गिरफ्तार।
पुलिस ने केरमसिंह चांगोड़ और विजय राव इंदौर को हिरासत में ले लिया।
गुजरात तक फैला हुआ था अवैध शराब का नेटवर्क।
Rahul Jaiswal Arrested TI Dilip Puri Death Case: देवास जिले के खातेगांव से आज दुखद घटना सामने आई। टिआई दिलीप पुरी की अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई के दौरान मौत हो गई, आयशर चालक ने उनपर ट्रक का पिछला पहिया चढ़ा दिया था। अब इसी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड राहुल जायसवाल गिरफ्तार कर लिया है।
दरअसल 2 नवंबर की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि टिमरनी, जिला हरदा से गुजरात के लिए अवैध शराब की बड़ी खेप आयशर क्रमांक MP43 H 4786 से जा रही है। जिसके चलते पुलिस ने चैकिंग अभियान चलाया, जब थाना प्रभारी खातेगांव दिलीप पुरी ने ड्राइवर को नीचे उतर कर तलाशी देने को कहा। तभी ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत ने जान से मारने की नियत से आयशर सीधे टीआई के ऊपर चढ़ा दी और शराब लेकर भाग गया। इस हमले में आरक्षक सोहन जाट भी घायल हुआ है। उपचार के दौरान निरीक्षक पुरी ने दम तोड़ दिया।
इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड राहुल जायसवाल और उसके दोनों साथियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस पूरे मामले में बड़े नेटवर्क का भी खुलासा हुआ है। दरअसल, इस पूरे अवैध शराब के कारोबार का मास्टरमाइंड राहुल जायसवाल था। जबकि शराब ठेका पाटेन्द्र जायसवाल के नाम है, जिसमें राहुल, मनीष और मोहित जायसवाल की 30-30 प्रतिशत हिस्सेदारी है। राहुल के खिलाफ हरदा में पहले से ही कई मामले दर्ज हैं। वहीं गुजरात तक तस्करी का नेटवर्क चलाता था। पैसों का पूरा हिसाब उसी के पास रहता था।
पुलिस ने वाहन उपलब्ध कराने वाले केरमसिंह चांगोड़ और विजय राव इंदौर को हिरासत में ले लिया है। ड्राइवर गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत अभी फरार है। पांच जिलों की पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पलिस अधीक्षक देवास ने फरार आरोपियों पर 10-10 हजार का इनाम घोषित किया है।
घटना के बाद हरदा जिले में पाटेन्द्र जायसवाल के लाइसेंस पर संचालित टिमरनी की दो और रहटगांव की एक शराब दुकान को सील किए जाने की खबर सामने आई है। तीनों दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए जाने की जानकारी भी प्रकाशित हुई है। प्रशासनिक कार्रवाई से साफ है कि जांच का दायरा केवल सड़क पर पकड़े गए वाहन तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि शराब के स्रोत और दुकानों से उसके संभावित संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है।