

Datia Suicide Case: दतिया के गोराघाट थाना क्षेत्र में दर्ज एक आत्महत्या के केस में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने और लगातार मिल रही धमकियों से परेशान मृतका के परिजनों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। परिवार का आरोप है कि मामले में नामजद कुछ आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं। कार्रवाई नहीं होने पर परिजनों ने आंदोलन और आत्मदाह तक की चेतावनी दी है।
जनसुनवाई में मृतका के पिता लायकराम साहू, निवासी सुनारी फैक्ट्री क्षेत्र, ने पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बताया कि गोराघाट थाने में योगेश रावत, पिंकी रावत, प्रियंका रावत और पूनम रावत के खिलाफ अपराध क्रमांक 71/26 दर्ज है। इसके बावजूद कुछ आरोपी अब तक गिरफ्त से बाहर हैं।
परिजनों का आरोप है कि आरोपी पक्ष के लोग फोन और अन्य माध्यमों से लगातार समझौते का दबाव बना रहे हैं। साथ ही राजीनामा नहीं करने पर झूठे मुकदमों में फंसाने और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां भी दी जा रही हैं। इससे पूरा परिवार भय और तनाव के माहौल में जीवन यापन करने को मजबूर है।
मृतका के पिता ने दावा किया कि उनकी बेटी एक मेधावी छात्रा थी। उसने आत्महत्या से पहले लिखे गए सुसाइड नोट में कथित रूप से आरोपियों के नाम और आत्महत्या के कारणों का उल्लेख किया था। परिवार का आरोप है कि मृतका को नशीला पदार्थ देकर उसके साथ गलत कार्य किया गया और बाद में वीडियो बनाकर ब्लैकमेल किया गया। इसी मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आत्मघाती कदम उठाया।
पीड़ित परिवार ने गोराघाट थाना प्रभारी पर भी मामले में गंभीरता नहीं दिखाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन देने और शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे आरोपियों के हौसले बढ़ रहे हैं और परिवार की सुरक्षा को खतरा बना हुआ है।
परिजनों ने दतिया पुलिस अधीक्षक से सुरक्षा उपलब्ध कराने, धमकी देने वालों पर कार्रवाई करने और फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे और आत्मदाह जैसा कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।